Government Pension: नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। सरकार अटल पेंशन योजना (APY) के तहत मिलने वाली न्यूनतम गारंटीड पेंशन की अधिकतम सीमा बढ़ाकर ₹10,000 प्रति माह करने पर विचार कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, बढ़ती महंगाई और रिटायरमेंट के बाद बढ़ते खर्च को देखते हुए यह प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। फिलहाल इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु के बाद ₹1,000 से ₹5,000 तक मासिक पेंशन मिलती है, जिसे अब बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
भारत में लगभग 90% कार्यबल असंगठित क्षेत्र में काम करता है, जिसमें रेहड़ी-पटरी वाले, घरेलू कामगार, दिहाड़ी मजदूर और छोटे कारोबारी शामिल हैं। इन लोगों के पास न तो नौकरी की स्थिरता होती है और न ही सामाजिक सुरक्षा के पर्याप्त साधन। ऐसे में APY जैसी योजनाएं उनके लिए बुढ़ापे का अहम सहारा बनती हैं।
इस प्रस्ताव पर वित्त मंत्रालय और पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण मिलकर काम कर रहे हैं। योजना के तहत पेंशन की अधिकतम सीमा ₹8,000 से बढ़ाकर ₹10,000 प्रति माह किए जाने की संभावना है, जिससे यह और अधिक आकर्षक बन सकती है।
अब तक इस योजना से 9 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं, हालांकि करीब आधे सदस्य नियमित रूप से योगदान नहीं कर पा रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 1.35 करोड़ नए सदस्य जुड़ने का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। सरकार का मानना है कि पेंशन सीमा बढ़ाने से लोगों की भागीदारी और नियमितता दोनों में सुधार होगा।
सरकार ‘पेंशन सखी’ और बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट (BC) मॉडल के जरिए इस योजना को गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी में है, साथ ही लोगों को नियमित योगदान के लिए जागरूक करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा, क्योंकि यह एक योगदान आधारित योजना है, जिसमें अधिकांश फंड लाभार्थी स्वयं जमा करते हैं।
हाल ही में केंद्र सरकार ने इस योजना को वित्त वर्ष 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि सरकार असंगठित क्षेत्र के कामगारों को दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।













