युद्ध जैसी आपात स्थिति से निपटने और आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से गुरुवार की शाम बिहार के छह जिलों में हवाई हमले से बचाव को लेकर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। राजधानी पटना समेत बेगूसराय में भी शाम 7 बजे से 7 बजकर 15 मिनट तक पूर्ण ब्लैकआउट किया गया। सायरन बजते ही शहर की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई और लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई।
बेगूसराय में जैसे ही शाम 7 बजे खतरे का सायरन बजा, पूरा शहर अंधेरे में डूब गया। मुख्य बाजार, सरकारी कार्यालय, सड़कें और कई रिहायशी इलाकों की बिजली काट दी गई। इस दौरान पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें अलर्ट मोड में तैनात रहीं। प्रशासन की ओर से लगातार माइकिंग कर लोगों से सहयोग करने और अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की अपील की जाती रही।


मॉक ड्रिल के दौरान कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रही। कई स्थानों पर वाहनों को रोककर लोगों को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी संभावित युद्ध, हवाई हमले या बड़े संकट की स्थिति में लोगों को सतर्क और तैयार करना है।
ब्लैकआउट के दौरान लोगों में उत्सुकता भी देखने को मिली। कई लोग अपने घरों की छतों और गलियों में निकल आए। हालांकि प्रशासन ने लोगों से नियमों का पालन करने की अपील की। अधिकारियों के अनुसार पूरे जिले में मॉक ड्रिल शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और आम लोगों का अच्छा सहयोग मिला।
प्रशासन ने बताया कि पिछले वर्ष ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी इसी प्रकार की मॉक ड्रिल कराई गई थी। ऐसे पूर्वाभ्यास का मकसद आपातकालीन हालात में लोगों को घबराने के बजाय सतर्क रहकर सुरक्षा उपाय अपनाने के लिए तैयार करना है।
बेगूसराय, अजय शास्त्री।
















