बेगूसराय सदर अस्पताल में प्रशासनिक लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने कैदियों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लाखो थाना से मेडिकल जांच के लिए लाए गए दो कैदियों को अस्पताल परिसर में लगभग आधे घंटे तक बिना निगरानी के छोड़ दिया गया, जबकि उनकी सुरक्षा में तैनात चौकीदार अपनी ड्यूटी छोड़ बाहर घूमते रहे।
जानकारी के अनुसार दोनों कैदियों को हथकड़ी लगाकर सदर अस्पताल लाया गया था। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे चौकीदार संजय पासवान कैदियों को वहीं छोड़कर पान खाने चले गए। वहीं दूसरे चौकीदार रामानंद साह भी जरूरी दस्तावेज की फोटो कॉपी कराने के नाम पर अस्पताल परिसर से बाहर चले गए। इस दौरान दोनों कैदी अस्पताल परिसर में अकेले बैठे रहे और वहां कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था।
मौके पर मौजूद लोगों ने जब चौकीदारों की गैरमौजूदगी देखी तो प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कैदी खुलेआम बैठे रहे और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे नजर आई। लोगों का कहना था कि अगर इसी दौरान कोई कैदी फरार हो जाता या कोई बड़ी घटना हो जाती तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ड्यूटी पर तैनात चौकीदार ने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय बेफिक्र अंदाज में कहा कि वह सिर्फ पान खाने गए थे। इससे साफ जाहिर होता है कि सुरक्षा जैसे संवेदनशील मामले में भी जिम्मेदार कर्मियों के अंदर जवाबदेही का अभाव है।
बताया जा रहा है कि मीडिया कर्मियों के पहुंचने और कैमरा चालू होने की भनक लगते ही चौकीदार आनन-फानन में वापस अस्पताल पहुंचे और दोनों कैदियों को अपने कब्जे में लिया। इस पूरे घटनाक्रम ने सदर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली की पोल खोलकर रख दी है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब पुलिस हिरासत में मौजूद कैदियों की सुरक्षा तक सुनिश्चित नहीं की जा सकती, तो आम लोगों की सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत होगी। घटना के बाद लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है और जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
अजय शास्त्री की रिपोर्ट
















