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Bihar News: शस्त्र लाइसेंस में अब नहीं होगी देरी, DM-SP की तय हुई जवाबदेही

बिहार में शस्त्र लाइसेंस लेने की प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। अब लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और न ही फाइलों के वर्षों तक लंबित रहने की समस्या झेलनी होगी।

राज्य सरकार ने इस दिशा में सख्त कदम उठाते हुए जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) की जवाबदेही तय कर दी है, जिससे पूरी प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाया जा सके।

हर महीने देनी होगी रिपोर्ट

गृह विभाग ने सभी जिलों के DM और SP को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब उन्हें हर महीने शस्त्र लाइसेंस से जुड़ी रिपोर्ट विभाग को सौंपनी होगी।

  • हर माह की 7 तारीख तक रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य
  • कितने आवेदन आए, कितनों का निष्पादन हुआ—पूरी जानकारी देनी होगी
  • 90 दिनों से अधिक लंबित मामलों का अलग से विवरण देना होगा

इससे लंबित फाइलों पर निगरानी रखना आसान होगा और अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।

समय-सीमा तय, अब नहीं होगी ढिलाई

सरकार ने लाइसेंस प्रक्रिया के हर चरण के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित कर दी है:

  • पुलिस रिपोर्ट देने की समय-सीमा: 30 दिन
  • पुलिस रिपोर्ट मिलने के बाद निर्णय: 60 दिन के भीतर

यह नियम आयुध नियम 2016 के प्रावधानों के तहत लागू किया गया है, जिससे प्रक्रिया में अनावश्यक देरी को रोका जा सके।

नया फॉर्मेट भी जारी

गृह विभाग ने रिपोर्टिंग के लिए एक तय फॉर्मेट भी जारी किया है, जिसमें जिलों को निम्नलिखित जानकारी देनी होगी:

  • कुल प्राप्त आवेदन
  • निष्पादित (approved/rejected) आवेदन
  • लंबित मामलों की संख्या (खासकर 90 दिन से अधिक वाले)

इससे राज्य स्तर पर निगरानी और समीक्षा और अधिक प्रभावी होगी।

पहले भी जारी हो चुका है निर्देश

गौरतलब है कि इससे पहले मार्च महीने में सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों—जैसे मुखिया, सरपंच और ग्राम कचहरी के सदस्यों—के शस्त्र लाइसेंस आवेदनों को 60 दिनों के भीतर निष्पादित करने का निर्देश दिया था।

सरकार का उद्देश्य

सरकार का साफ कहना है कि इस पहल का मकसद शस्त्र लाइसेंस प्रक्रिया को:

  • तेज बनाना
  • पारदर्शी बनाना
  • जवाबदेह बनाना

ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो और लंबित मामलों में तेजी से कमी लाई जा सके।

बिहार सरकार का यह फैसला प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। यदि तय समय-सीमा का सख्ती से पालन होता है, तो आने वाले समय में शस्त्र लाइसेंस से जुड़ी शिकायतों में काफी कमी देखने को मिल सकती है।

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