बिहार विधानसभा के बजट सत्र में बुधवार को पंचायत प्रतिनिधियों, जीविका दीदियों और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सवालों के बीच सरकार ने कई मामलों में स्पष्टीकरण दिया, तो कुछ पर विचार का आश्वासन भी दिया।

मुखिया व पंचायत प्रतिनिधियों को 10 लाख अनुदान का प्रस्ताव
भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा ने सदन में सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार में सामान्य सड़क हादसे में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान मिलता है। यही प्रावधान मुखिया और त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के लिए भी लागू है। लेकिन चूंकि वे जनप्रतिनिधि होते हैं, इसलिए सड़क दुर्घटना में मौत होने पर उनके परिजनों को 10 लाख रुपये अनुग्रह अनुदान दिया जाना चाहिए।
इस पर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने जवाब देते हुए कहा कि इस प्रस्ताव पर सरकार विचार कर सकती है।

जीविका दीदियों के ड्रेस कोड और पहचान पत्र पर बहस
सासाराम की विधायक स्नेहलता ने जीविका दीदियों के लिए ड्रेस कोड और पहचान पत्र जारी करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इससे उनकी व्यापक पहचान सुनिश्चित होगी।
इस पर मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि ड्रेस कोड लागू करने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि जीविका दीदियों की सुरक्षा को लेकर चिंता की जरूरत नहीं है क्योंकि वे राज्य में महिलाओं को जागरूक करने का महत्वपूर्ण काम कर रही हैं।
हालांकि स्नेहलता ने स्पष्ट किया कि उनका सवाल सुरक्षा नहीं, बल्कि पहचान पत्र निर्गत करने से संबंधित था।
स्टेट नोडल अकाउंट नहीं बनने से PM आवास योजना प्रभावित
सदन में यह भी खुलासा हुआ कि बिहार सरकार अब तक स्टेट नोडल अकाउंट (SNA) नहीं बना पाई है, जिसके कारण केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि पर रोक लगा दी थी। पहले इस अकाउंट को बनाने के लिए 31 जनवरी तक की समय-सीमा दी गई थी, लेकिन तय समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
मंत्री श्रवण कुमार ने सदन में अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि निर्धारित समय सीमा में नोडल अकाउंट नहीं बनाया जा सका। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र से 31 मार्च तक का अतिरिक्त समय मांगा है।
अकाउंट नहीं बनने की वजह से योजना की राशि की निकासी प्रभावित हुई थी। हालांकि राज्य सरकार के आग्रह पर जनवरी में केंद्र ने अस्थायी रूप से राशि निकासी की अनुमति दी थी, ताकि लाभार्थियों को भुगतान में दिक्कत न हो।
अब एक बार फिर राज्य सरकार ने केंद्र से अनुरोध किया है कि स्टेट नोडल अकाउंट तैयार होने तक राशि निकालने की अनुमति दी जाए। सरकार का कहना है कि अकाउंट बनाने की प्रक्रिया जारी है और जल्द ही इसे पूरा कर लिया जाएगा।
गौरतलब है कि जदयू विधायक मंजीत सिंह के सवाल के जवाब में मंत्री श्रवण कुमार ने स्वीकार किया कि फिलहाल प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि रुकी हुई है।
सदन में उठे इन मुद्दों के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।















