बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव की ओर बढ़ती दिख रही है। पश्चिम बंगाल चुनाव की हलचल थमने के बाद अब पटना से लेकर दिल्ली तक मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
दिल्ली में संजय झा के आवास पर जदयू और बीजेपी के शीर्ष नेताओं की अहम मुलाकात ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। इस बैठक में बीजेपी नेता नितिन नवीन की मौजूदगी को भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, यह बातचीत केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि आने वाले मंत्रिमंडल विस्तार की रणनीति पर गंभीर चर्चा हुई है।
बताया जा रहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री जल्द ही अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं। अभी मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री मिलकर करीब 47 विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जिससे प्रशासनिक दबाव भी बढ़ा है।
सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल विस्तार का संभावित समय 6 मई के आसपास तय माना जा रहा है। साथ ही “50-50 फॉर्मूला” पर भी सहमति बनने की चर्चा है, जिसके तहत बीजेपी और जदयू को बराबर हिस्सेदारी मिलने की संभावना है, जबकि सहयोगी दलों को भी कुछ मंत्री पद दिए जा सकते हैं।
हालांकि, अप्रैल में कैबिनेट विस्तार की अटकलें कमजोर पड़ गई थीं, लेकिन दिल्ली की ताजा राजनीतिक हलचल ने एक बार फिर इस मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है।
पटना से राहुल कुमार
















