पटना/नई दिल्ली, संवाददाता:
बिहार की राजनीति इन दिनों कैबिनेट विस्तार को लेकर तेज हलचल के दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दिल्ली दौरे पर हैं, जहां वे केंद्रीय नेतृत्व के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री अपने साथ संभावित मंत्रियों की सूची लेकर दिल्ली पहुंचे हैं। रविवार को उनकी कई अहम मुलाकातें हुईं। सुबह उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भेंट की, जिसमें राज्य के विकास और अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ बैठक में बुनियादी ढांचे और रेल परियोजनाओं को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के साथ हुई मुलाकात ने भी राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को हवा दी है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के साथ बैठक को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक सूत्रों की मानें तो भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ होने वाली बैठकों में गृह मंत्री अमित शाह के साथ प्रस्तावित मुलाकात को निर्णायक माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इसी बैठक में कैबिनेट विस्तार के अंतिम स्वरूप पर मुहर लग सकती है।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा कोटे से करीब 16 मंत्रियों को शामिल किए जाने की संभावना है, जिनमें अधिकांश पुराने चेहरों को बरकरार रखते हुए कुछ नए चेहरों को भी मौका दिया जा सकता है। नए नामों को लेकर पार्टी के भीतर मंथन जारी है।
6 मई को प्रस्तावित कैबिनेट विस्तार से पहले यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दिल्ली से लौटने के बाद मुख्यमंत्री राज्य की सियासी रणनीति को अंतिम रूप दे सकते हैं, जिससे आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।














