रोहतास जिला के सासाराम स्थित करवंदिया पहाड़ से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। लंबे समय से बंद पड़ा यह इलाका अब फिर से सक्रिय होने जा रहा है। करीब 25 साल के अंतराल के बाद यहां दोबारा खनन कार्य शुरू करने की तैयारी की जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों में नई उम्मीद जगी है।
जानकारी के अनुसार, राज्य स्तर पर इस दिशा में प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। हाल ही में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में उन पत्थर खदानों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है, जिनके लिए आवश्यक विभागीय अनुमति मिल चुकी है या प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके तहत जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट भी लगभग तैयार बताई जा रही है।
जिला खनन पदाधिकारी रणधीर कुमार ने बताया कि जैसे ही सरकार से अंतिम मंजूरी मिलेगी, चिह्नित खदानों के बंदोबस्त की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद क्षेत्र में खनन गतिविधियां फिर से शुरू हो सकेंगी।
खनन कार्य शुरू होने का सबसे बड़ा असर रोजगार पर पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में लोगों को काम मिलने की संभावना है। इसके अलावा आसपास के जिलों और पड़ोसी राज्यों—झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल—के मजदूरों को भी रोजगार मिल सकता है।
करवंदिया पहाड़ पहले अपने उच्च गुणवत्ता वाले काले पत्थर के लिए जाना जाता था। यहां से निकली गिट्टी की मांग कई राज्यों में थी। खनन बंद होने के बाद इस क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां काफी धीमी पड़ गई थीं। क्रशर उद्योग भी प्रभावित हुआ और कई मशीनें बंद हो गईं।
अब, अगर तय समय के अनुसार सभी प्रक्रियाएं पूरी हो जाती हैं, तो यह इलाका एक बार फिर से औद्योगिक गतिविधियों का केंद्र बन सकता है। इससे न सिर्फ स्थानीय बाजारों में रौनक लौटेगी, बल्कि पूरे रोहतास जिले की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।














