बिहार में जहां विकास और आधुनिक सुविधाओं के दावे लगातार किए जा रहे हैं, वहीं जमीनी हकीकत एक बार फिर यात्रियों की परेशानियों के रूप में सामने आई है। Indian Railways के ताज़ा फैसले ने मई महीने में सफर करने वाले हजारों यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
जैनपुर जंक्शन पर चल रहे यार्ड रिमॉडलिंग कार्य के कारण बिहार से गुजरने वाली 16 महत्वपूर्ण ट्रेनों के रूट में बदलाव किया गया है। इस फैसले का असर उन ट्रेनों पर सबसे ज्यादा पड़ा है, जो रोजमर्रा के यात्रियों और लंबी दूरी तय करने वालों के लिए बेहद अहम मानी जाती हैं।
इनमें Vande Bharat Express (पटना-गोमतीनगर), बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस, रक्सौल-आनंद विहार एक्सप्रेस और कोटा-पटना जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं। रूट बदलने के कारण यात्रियों का सफर अब पहले से लंबा और थकाऊ हो गया है।
इतना ही नहीं, अयोध्या धाम जंक्शन, शाहगंज और जौनपुर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर कई ट्रेनों का ठहराव भी अस्थायी रूप से समाप्त कर दिया गया है। इससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ रहे हैं।
रेलवे के अनुसार यह बदलाव 4 मई से 27 मई तक प्रभावी रहेगा। खासकर उन यात्रियों को ज्यादा परेशानी हो रही है, जिन्होंने पहले से टिकट बुक कर रखे थे और अब उन्हें अपनी पूरी यात्रा योजना में बदलाव करना पड़ रहा है।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह कदम तकनीकी सुधार और भविष्य में बेहतर सेवाएं देने के उद्देश्य से उठाया गया है। यार्ड रिमॉडलिंग का काम पूरा होते ही ट्रेनों का संचालन सामान्य कर दिया जाएगा।
हालांकि, मौजूदा स्थिति में यात्रियों के लिए यह “अस्थायी बदलाव” किसी परीक्षा से कम नहीं है। अब देखना यह होगा कि यह काम तय समय पर पूरा होता है या यात्रियों की परेशानियां और लंबी खिंचती हैं।














