बिहार विधान सभा के शुक्रवार सत्र में IGIMS में इलाज और बेड उपलब्धता को लेकर जोरदार बहस देखने को मिली। बहस के दौरान तीखे तर्कों के साथ मजाकिया व्यंग्य भी सुनने को मिला।
जदयू के सकरा विधायक आदित्य कुमार ने IGIMS में विधायक कोटा की मांग उठाते हुए कहा कि फोन करने के बावजूद मरीजों को बेड नहीं मिल पाता। इस पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने जवाब दिया कि “जब बेड खाली रहेंगे तभी मरीजों को जगह मिलेगी।” उन्होंने स्पष्ट किया कि विधायकों के आग्रहों को प्राथमिकता से देखा जाता है और भरोसा दिलाया कि IGIMS में जल्द 2400 नए बेड जोड़े जाएंगे।
बहस के दौरान राजद विधायक चन्द्रशेखर ने सवाल उठाया कि अगर AIIMS पटना में विधायकों को विशेष सुविधाएं मिलती हैं, तो क्या IGIMS में भी ऐसी व्यवस्था संभव है? इस पर मंत्री मंगल पांडेय ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “चन्द्रशेखर जी हर महीने पैरवी करते हैं—सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक उनकी पैरवी सुनता हूं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि फोन पर कही जाने वाली बातें सदन में कह दी जाएं तो राजद को बुरा लग सकता है।
सत्ताधारी दल के कुछ विधायकों ने भी प्राथमिकता दिए जाने की मांग रखी। इस पर मंत्री विजय चौधरी ने तंज कसते हुए कहा कि सत्ताधारी दल के सदस्यों को ईर्ष्या हो रही है।
माहौल तब हल्का हो गया जब राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने मजाकिया अंदाज में कहा, “चन्द्रशेखर जी के पास भाभी जी का नंबर तो नहीं? क्योंकि हमारी तो सुनी नहीं जाती।”
IGIMS में इलाज, बेड उपलब्धता और विधायकों की प्राथमिकता को लेकर हुई इस बहस में गंभीर मुद्दों के बीच हास्य-व्यंग्य भी देखने को मिला, जिससे सदन का माहौल कुछ देर के लिए हल्का हो गया।














