नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान टैक्स नीति में बड़े सुधार और राहत की घोषणा की, जिससे सियासी गलियारों और आम करदाताओं में हलचल पैदा हो गई है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य अब सख़्ती से ज़्यादा सहूलियत, भरोसा और सरलता पर आधारित टैक्स प्रणाली बनाना है।

विदेश यात्रा पैकेज (LRS) में राहत
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि अब विदेश यात्रा पैकेज की बिक्री पर TCS (ट्रांजैक्शन चार्ज) की दर केवल 2% होगी। इससे पहले यह दर 5% से 20% तक थी और इसे लेकर नाराज़गी थी। सबसे बड़ी बात यह है कि अब कोई राशि सीमा नहीं होगी। इसे ट्रैवल इंडस्ट्री और मध्यम वर्ग के लिए सीधी राहत माना जा रहा है।
MACT क्लेम पर टैक्स छूट
मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) से जुड़ी राहत में वित्त मंत्री ने घोषणा की कि ट्रिब्यूनल से मिलने वाले मुआवज़े के ब्याज पर अब ना तो इनकम टैक्स लगेगा और ना ही TDS काटा जाएगा। इसे दुर्घटना पीड़ितों के लिए इंसानियत और संवेदनशीलता से जुड़ा कदम बताया जा रहा है।
नए आयकर अधिनियम और आसान रिटर्न प्रक्रिया
सरकार ने नया इनकम टैक्स एक्ट 2026 लागू करने का एलान किया। नए सिस्टम में टैक्स फॉर्म को आसान बनाया जाएगा ताकि आम करदाता बिना डर और झंझट के रिटर्न दाखिल कर सके। नए नियमों के तहत दंड की जगह टैक्स देकर राहत पाने का विकल्प दिया जाएगा, जिससे मुकदमेबाज़ी में कमी आएगी।
अघोषित आय पर छूट और रिटर्न की नई समय सीमा
अघोषित आय की सीमा 1 करोड़ रुपये तक करने का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा, करदाता अब 31 जुलाई तक इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं, जिससे समय की पाबंदी का दबाव कम होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये बदलाव मध्यम वर्ग, प्रोफेशनल्स और आम करदाताओं के लिए राहत के रूप में काम करेंगे और टैक्स सिस्टम को पारदर्शी और सरल बनाने में मदद करेंगे।














