जाति आधारित जनगणना को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि सरकार द्वारा इस संबंध में घोषणा किए एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह प्रक्रिया किस तरह और कब लागू होगी।
कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि सरकार ने पहले आगामी जनगणना में सभी वर्गों की जाति गणना शामिल करने की बात कही थी, लेकिन इसके क्रियान्वयन को लेकर अब तक ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
उन्होंने केंद्र के रुख में बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि पहले सरकार ने जाति आधारित जनगणना नहीं कराने की बात कही थी, जबकि बाद में इसे लेकर अलग संकेत दिए गए। कांग्रेस का आरोप है कि इस मुद्दे पर स्पष्ट नीति और समय-सीमा सामने नहीं रखी गई है।
पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी पहले इस विषय पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सामान्य जनगणना के साथ जाति जनगणना कराने की मांग की थी।
कांग्रेस का कहना है कि इस अहम मुद्दे पर अब तक न तो विस्तृत योजना साझा की गई है और न ही राज्यों या विशेषज्ञों के साथ व्यापक स्तर पर चर्चा की गई है। पार्टी ने सरकार से मांग की है कि वह इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे और प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता बनाए।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले दिए गए बयानों को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं और स्पष्टीकरण की मांग की है।
कुल मिलाकर, जाति जनगणना का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है, जहां विपक्ष सरकार से स्पष्ट रोडमैप की मांग कर रहा है।














