भारत में काम करने वाली विदेशी एयरलाइंस के लिए अब नियम और सख्त कर दिए गए हैं। नागर विमानन महानिदेशालय ने सुरक्षा मानकों और यात्री शिकायत निवारण को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है, जिसके तहत नियमों का उल्लंघन करने पर एयरलाइंस का ऑथराइजेशन रद्द तक किया जा सकता है।
डीजीसीए प्रमुख वीर विक्रम यादव ने स्पष्ट किया है कि अब हर विदेशी एयरलाइन को भारत में एक स्थानीय प्रतिनिधि नियुक्त करना अनिवार्य होगा। यह प्रतिनिधि नियामक और एयरलाइन के बीच संपर्क का मुख्य माध्यम होगा और सभी आधिकारिक मामलों को संभालेगा।
नई व्यवस्था के तहत अब विदेशी एयरलाइंस भी भारतीय नियमों के दायरे में पूरी तरह आएंगी। उन्हें यात्रियों की शिकायतों के निपटारे के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करना होगा। साथ ही, सभी शिकायतों का रिकॉर्ड (डेटाबेस) बनाए रखना और समय-समय पर उसकी रिपोर्ट डीजीसीए को सौंपना अनिवार्य होगा।
अब तक उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े नियम मुख्य रूप से भारतीय एयरलाइंस पर लागू होते थे, लेकिन इस बदलाव के बाद विदेशी कंपनियों पर भी समान जिम्मेदारी तय कर दी गई है। इसका मकसद यात्रियों को बेहतर सेवा और समय पर शिकायत निवारण सुनिश्चित करना है।
डीजीसीए का यह कदम साफ संकेत देता है कि अब भारत में विमानन क्षेत्र में जवाबदेही और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
















