गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज जिले में उस समय सियासी हलचल तेज हो गई जब जेडीयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडे उर्फ पप्पू पांडे के पैतृक गांव तुलसिया स्थित आवास पर पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई का नेतृत्व एसपी विनय तिवारी ने खुद किया, जो भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
जानकारी के मुताबिक, यह छापेमारी कुचायकोट थाना क्षेत्र में दर्ज एक एफआईआर के आधार पर की गई है। इस मामले में फर्जी दस्तावेजों के सहारे जमीन कब्जा करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस की दो विशेष टीमों ने एक साथ कार्रवाई शुरू की, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप फैल गया।
बताया जा रहा है कि पुलिस ने विधायक आवास के पूरे परिसर की गहन तलाशी ली, लेकिन छापेमारी से पहले ही विधायक पप्पू पांडे और उनके भाई सतीश पांडे फरार हो गए। इस मामले में कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। वहीं, इस प्रकरण में सीए राहुल तिवारी का नाम भी सामने आया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान मिले ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही कोर्ट ने वारंट जारी किया है। इससे पहले भी इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जिससे साफ है कि पुलिस पूरे सिंडिकेट की जड़ तक पहुंचने में जुटी है।
एफआईआर के अनुसार, विधायक पर आरोप है कि उन्होंने भू-माफियाओं को संरक्षण दिया और जमीन के अवैध सौदों में उनकी मदद की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जांच तेज कर दी गई है। एसपी के निर्देश पर दो विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो अलग-अलग ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस का दावा है कि फरार आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और कानून के कटघरे में लाया जाएगा।
बता दें कि पप्पू पांडे गोपालगंज के कुचायकोट से लगातार चौथी बार विधायक हैं और इलाके में उनका खासा प्रभाव रहा है। लेकिन इस बार मामला इतना गंभीर है कि उनकी राजनीतिक पकड़ भी उन्हें राहत दिलाने में नाकाम नजर आ रही है।
फिलहाल, पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस हर एंगल से छानबीन कर रही है। इस कार्रवाई के बाद बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।















