नई दिल्ली: Harivansh Narayan Singh लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति चुने गए हैं। शुक्रवार को उनके निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की गई। विपक्ष की ओर से कोई उम्मीदवार नहीं उतारे जाने के कारण उनका चुना जाना पहले से तय माना जा रहा था।
पद खाली होने के बाद हुआ चुनाव
हरिवंश का पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो गया था, जिसके बाद यह पद रिक्त था। C. P. Radhakrishnan (सभापति, राज्यसभा) ने नियम 7 के तहत चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर शुक्रवार को मतदान की तिथि निर्धारित की थी। प्रस्ताव दाखिल करने की अंतिम समय-सीमा गुरुवार दोपहर 12 बजे तक तय की गई थी।
सूत्रों के अनुसार, हरिवंश के समर्थन में कुल 5 प्रस्ताव दाखिल हुए, जबकि विपक्ष की ओर से कोई नामांकन नहीं किया गया।
विपक्ष का बहिष्कार
विपक्ष ने इस चुनाव का बहिष्कार किया। बताया जा रहा है कि यह विरोध केंद्र सरकार द्वारा पिछले 7 वर्षों से लोकसभा में उपाध्यक्ष की नियुक्ति न किए जाने के मुद्दे को लेकर किया गया।
पीएम मोदी ने दी बधाई
Narendra Modi ने राज्यसभा में हरिवंश को बधाई देते हुए कहा:
“लगातार तीसरी बार उपसभापति चुने जाना इस बात का प्रमाण है कि इस सदन का आप पर गहरा भरोसा है।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि हरिवंश के नेतृत्व में सदन की कार्यक्षमता और प्रभावशीलता बढ़ी है और उन्होंने अपने अनुभव से सदन को समृद्ध किया है।
अनुभव और संतुलन की सराहना
पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि हरिवंश नारायण सिंह अपने नए कार्यकाल में भी उसी संतुलन, अनुभव और समर्पण के साथ सदन का संचालन करेंगे और सदन की गरिमा को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।














