नई दिल्ली:
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 इस बार सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने मंगलवार को नई दिल्ली में “अंतर्राष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षक कार्यक्रम (IEVP-2025)” की औपचारिक शुरुआत की।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न देशों को भारत की पारदर्शी, तकनीकी रूप से उन्नत और विश्वसनीय चुनाव प्रणाली से परिचित कराना है। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने किया।
इस वर्ष फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका, बेल्जियम, इंडोनेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड और कोलंबिया से आए 14 अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि इसमें शामिल हुए हैं।
चुनाव आयोग ने प्रतिनिधियों को भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया, मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया, मतदान केंद्रों की व्यवस्थाएं और EVM (Electronic Voting Machine) की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्हें EVM का लाइव डेमो भी दिखाया गया। आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने समझाया कि भारत में चुनाव किस प्रकार पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से कराए जाते हैं, जिससे मतदाता की गोपनीयता पूरी तरह बनी रहती है।
कार्यक्रम के तहत सभी विदेशी प्रतिनिधि 5 और 6 नवंबर को बिहार का दौरा करेंगे। वे EVM डिस्पैच सेंटर्स का निरीक्षण करेंगे और 6 नवंबर को पहले चरण के मतदान को प्रत्यक्ष रूप से देखेंगे। इससे उन्हें भारत की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा।
भारतीय चुनाव आयोग ने इस कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी और तस्वीरें X (ट्विटर) पर साझा की हैं।
गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षक कार्यक्रम (IEVP), चुनाव आयोग का एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंच है। इसके माध्यम से भारत दुनिया के अन्य देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों (Election Management Bodies) के साथ अपने अनुभव और तकनीकी ज्ञान को साझा करता है।
यह कार्यक्रम 2014 से लगातार आयोजित किया जा रहा है और अब तक कई देशों के चुनाव प्रतिनिधि इसमें भाग ले चुके हैं। इसके जरिए भारत ने यह साबित किया है कि इतने बड़े और विविधतापूर्ण देश में भी चुनाव शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और तकनीकी रूप से सटीक तरीके से कराए जा सकते हैं।
भारत न केवल दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, बल्कि सबसे पारदर्शी चुनाव प्रणाली वाला देश भी माना जाता है। IEVP जैसे कार्यक्रम भारत को वैश्विक लोकतंत्रों के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित कर रहे हैं।


















