पटना में बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। नई सरकार के गठन के बाद जनता दल (यूनाइटेड) की पहली विधायक दल की बैठक आज आयोजित हो रही है। यह महत्वपूर्ण बैठक मुख्यमंत्री आवास, 1 अणे मार्ग पर बुलाई गई है, जिसमें विधायक दल के नए नेता का चुनाव किया जाएगा।
बैठक को पहले 14 अप्रैल को आयोजित किया जाना था, लेकिन किन्हीं कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया था। अब सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह जदयू की पहली बड़ी बैठक मानी जा रही है।
विधायकों का जुटना शुरू, कई बड़े नेता पहुंचे
बैठक में शामिल होने के लिए विधायकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और मोकामा विधायक अनंत सिंह पहले ही पहुंच चुके हैं।
इस बैठक में विधायक दल के नए नेता का चयन किया जाएगा, जो नीतीश कुमार के इस्तीफे और राज्यसभा जाने के बाद खाली हुए पद को भरेगा।
कौन बनेगा विधायक दल का नेता?
सूत्रों के अनुसार, डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी का नाम सबसे आगे चल रहा है। वर्तमान सरकार में उन्हें जदयू की ओर से नंबर-2 की भूमिका मिली हुई है, जिससे उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।
हालांकि, वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव भी विकल्प के तौर पर मौजूद हैं, लेकिन फिलहाल उनकी संभावना कम बताई जा रही है।
पोस्टरों से बढ़ी सियासी हलचल
बैठक से पहले पटना की सड़कों पर लगे पोस्टरों ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। पोस्टरों में “Next CM of Bihar” और “नीतीश जी का मिशन अधूरा, निशांत जी ही अब करेंगे पूरा” जैसे नारे लिखे गए हैं।
इन पोस्टरों में निशांत कुमार का नाम प्रमुखता से सामने आया है, जिसे युवा नेतृत्व के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
निशांत कुमार की बढ़ती सक्रियता
रविवार को निशांत कुमार ने जदयू प्रदेश कार्यालय में पूर्णिया और भागलपुर प्रमंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान संगठन को मजबूत करने और आगामी रणनीति पर चर्चा की गई।
जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने भी उनकी सक्रियता को सकारात्मक बताते हुए कहा कि इससे संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी।
क्यों अहम है यह बैठक?
नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और राज्यसभा जाने के बाद विधायक दल के नेता का पद खाली हो गया था। ऐसे में आज की बैठक जदयू के लिए बेहद अहम मानी जा रही है, जो पार्टी के भविष्य और नेतृत्व की दिशा तय करेगी।
पटना से राहुल कुमार की रिपोर्ट



















