मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड की दर्दनाक यादों के बीच एक बार फिर बाल आश्रय गृह की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। जिले के मुशरी थाना क्षेत्र के नारौली स्थित एक बाल आश्रय गृह से सोमवार तड़के करीब 10 बच्चे संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गए। इस घटना के सामने आने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार घटना देर रात करीब एक बजे की बताई जा रही है। बच्चों के गायब होने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। उप-मंडल अधिकारी (पूर्व) तुषार कुमार पुलिस और अन्य अधिकारियों के साथ आश्रय गृह पहुंचे, जहां निरीक्षण के दौरान 10 बच्चों के लापता होने की पुष्टि हुई।
घटना के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। ड्यूटी में लापरवाही मानते हुए घटना के समय तैनात 6 होमगार्ड जवानों को तुरंत प्रभाव से हटा दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में बच्चों का सुरक्षा घेरा पार कर बाहर निकल जाना गंभीर चूक को दर्शाता है।
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज अहम सबूत के रूप में सामने आया है। फुटेज में बच्चों को एक साथ छात्रावास से बाहर निकलते देखा गया है। इस खुलासे ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर इतनी बड़ी घटना के दौरान सुरक्षाकर्मी क्या कर रहे थे और बच्चों के बाहर निकलने की जानकारी समय रहते क्यों नहीं मिल सकी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर उच्च स्तरीय जांच टीम गठित की गई है। इस टीम में एडीएम (आपदा), एसडीएम और डीएसपी स्तर के अधिकारी शामिल किए गए हैं। जांच टीम सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक के साथ-साथ आश्रय गृह के आंतरिक प्रबंधन की भी गहन जांच करेगी।
पुलिस अब इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि बच्चों के फरार होने के पीछे किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। अधिकारियों को आशंका है कि यह घटना केवल सुरक्षा में लापरवाही का मामला नहीं, बल्कि इसके पीछे किसी सुनियोजित साजिश की संभावना भी हो सकती है।
घटना के बाद प्रशासन ने जिले के सभी बाल आश्रय गृहों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस लापता बच्चों की तलाश में लगातार छापेमारी और खोज अभियान चला रही है।
















