पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता 11 मई 2026 को न्यायिक कार्यों से अलग रहेंगे। इस संबंध में पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं के तीन संघों की समन्वय समिति ने संयुक्त रूप से निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद उस दिन हाईकोर्ट में न्यायिक कार्य प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।
समिति के अध्यक्ष एवं वरीय अधिवक्ता Yogesh Chandra Verma ने बताया कि कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं की गाड़ियों की पार्किंग की समस्या सहित कई अन्य कठिनाइयों का समाधान लंबे समय से नहीं हो पा रहा है। इसे लेकर अधिवक्ताओं में व्यापक असंतोष व्याप्त है।
उन्होंने कहा कि सुनवाई के दौरान कुछ न्यायाधीशों द्वारा अधिवक्ताओं के साथ किए जा रहे तल्ख व्यवहार को लेकर भी वकीलों में नाराजगी है। यही कारण है कि समन्वय समिति ने न्यायिक कार्यों से अलग रहने का निर्णय लिया है।
समिति के सदस्य वरीय अधिवक्ता Sanjay Singh, Mukesh Kant, Rajeev Kumar Singh और Jai Shankar Prasad Singh ने न्यायिक कार्यों से अनुपस्थित रहने का प्रस्ताव पारित किया।
बताया गया कि इस प्रस्ताव की प्रति पटना हाईकोर्ट के महानिबंधक को भेज दी गई है। गौरतलब है कि इस समन्वय समिति में बिहार राज्य बार काउंसिल के दो सदस्य भी शामिल हैं।
मुख्य मांगें और कारण
- कोर्ट परिसर में पार्किंग व्यवस्था की समस्या
- अधिवक्ताओं को मिलने वाली सुविधाओं में कमी
- सुनवाई के दौरान जजों के व्यवहार को लेकर नाराजगी
- लंबित समस्याओं के समाधान की मांग
















