पटना: राजधानी पटना के ऐतिहासिक बांस घाट पर बने अत्याधुनिक और हाईटेक श्मशान घाट का संचालन गुरुवार से शुरू हो गया। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस नए मोक्षधाम में अब अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को बेहतर, सम्मानजनक और सुव्यवस्थित व्यवस्था उपलब्ध होगी।
पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा विकसित यह अत्याधुनिक श्मशान घाट शहर के सबसे आधुनिक अंत्येष्टि केंद्रों में शामिल हो गया है। गंगा तट पर विकसित इस विशाल परिसर में एक साथ लगभग 18 अंत्येष्टि करने की क्षमता विकसित की गई है।
एक साथ 18 अंत्येष्टि की व्यवस्था
नए मोक्षधाम में अंतिम संस्कार के लिए विभिन्न प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। परिसर में:
- 4 अत्याधुनिक विद्युत शवदाह गृह
- 6 लकड़ी आधारित शवदाह स्थल
- 8 पारंपरिक अंत्येष्टि स्थल
बनाए गए हैं। इससे अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और पूरी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकेगी।
ईशा आउटरीच करेगी संचालन
श्मशान घाट के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी Isha Outreach को सौंपी गई है।
यहां अंत्येष्टि के लिए दान एवं सहयोग राशि 3,500 रुपये निर्धारित की गई है। हालांकि, यदि कोई परिवार पारंपरिक तरीके से लकड़ी द्वारा दाह संस्कार कराना चाहता है, तो उसे लकड़ी और अन्य आवश्यक सामग्री का अलग से भुगतान करना होगा।
श्रद्धांजलि और धार्मिक अनुष्ठानों की भी विशेष व्यवस्था
हाईटेक मोक्षधाम में केवल अंतिम संस्कार ही नहीं, बल्कि श्रद्धांजलि सभा और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए भी विशेष सुविधाएं विकसित की गई हैं।
परिसर में उपलब्ध सुविधाओं में शामिल हैं:
- प्रार्थना स्थल
- विशाल प्रतीक्षालय
- शुद्ध पेयजल व्यवस्था
- स्वच्छ शौचालय
- आधुनिक प्रकाश व्यवस्था
- पार्किंग क्षेत्र
- अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएं
इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य शोकाकुल परिवारों को कठिन समय में सम्मानजनक और सुविधाजनक वातावरण प्रदान करना है।
एक ही स्थान पर मिलेगी अंत्येष्टि सामग्री
मोक्षधाम की एक खास विशेषता यह भी है कि मोक्ष द्वार के समीप अंत्येष्टि में उपयोग होने वाली लगभग सभी आवश्यक सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएगी।
यहां उपलब्ध वस्तुओं में शामिल हैं:
- कपड़ा
- राम नाम पट्टी
- धोती और साड़ी
- घी
- चंदन की लकड़ी
- देवदार
- अगरबत्ती
- कपूर
- गुलाब जल
- पंचमेवा
- हवन सामग्री
- जौ
- चूना
- माचिस
सहित लगभग 45 प्रकार की आवश्यक सामग्री उपलब्ध रहेगी। इससे परिजनों को अलग-अलग स्थानों पर सामान जुटाने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
आधुनिकता और परंपरा का संगम
पटना स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत विकसित यह हाईटेक मोक्षधाम आधुनिक तकनीक और पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं का संतुलित संगम माना जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इससे राजधानीवासियों को सम्मानजनक, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक अंत्येष्टि सेवा उपलब्ध होगी।
बांस घाट पर शुरू हुई यह नई व्यवस्था न केवल अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को आसान बनाएगी, बल्कि पटना की नागरिक सुविधाओं में भी एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ने का काम करेगी।
















