बिहार की राजधानी पटना में एक बड़ी आपराधिक साजिश का खुलासा हुआ है, जहां रजिस्ट्री (निबंधन) कार्यालय में घुसकर बेहद कीमती जमीन से जुड़े दस्तावेज चुराने की योजना को पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया। इस हाई-प्रोफाइल मामले में मास्टरमाइंड समेत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
घटना 29 अप्रैल की है, जब गांधी मैदान थाना क्षेत्र में गश्ती कर रही पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध लोग रजिस्ट्री ऑफिस की दीवार फांदने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। वहां तीन बदमाश लोहे की रॉड के सहारे दीवार पर चढ़ते हुए मिले, जबकि पास में एक कार खड़ी थी।
पुलिस को देखते ही आरोपी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन तत्परता दिखाते हुए टीम ने चार लोगों को मौके से ही दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कटिहार निवासी मो. फसीम, अख्तर अंसारी, अरमान खान उर्फ सरफराज और ऐजुल खान के रूप में हुई है।
तलाशी के दौरान इनके पास से चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार, चार मोबाइल फोन और करीब 40 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने जो खुलासा किया, उसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।
नगर पुलिस अधीक्षक (मध्य) Diksha के अनुसार, आरोपियों ने कबूल किया है कि वे एक बड़े बिल्डर के इशारे पर इस वारदात को अंजाम देने आए थे। उनका लक्ष्य रजिस्ट्री ऑफिस में रखे वर्ष 1945 के पुराने जमीन के दस्तावेज थे, जिनकी बाजार कीमत अरबों रुपये आंकी जा रही है।
बताया जा रहा है कि इस काम के लिए प्रत्येक आरोपी को 40 हजार रुपये देने का वादा किया गया था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कटिहार में छापेमारी की और तीन अन्य साजिशकर्ताओं को भी गिरफ्तार कर लिया।
जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह पहले भी जमीन के कागजात की चोरी और हेराफेरी जैसे मामलों में शामिल रहा है।
फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश के पीछे और कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं। इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अब ऐसे अपराधियों के लिए कानून से बच निकलना आसान नहीं रहा।














