पूर्णिया, बिहार। जिले के डगरूआ थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां कथित तौर पर स्मैक तस्करी और अवैध हथियारों के कारोबार से जुड़े अपराधियों ने पुलिस मुखबिरी के शक में एक दंपति को अपना निशाना बनाया और उनके साथ बेरहमी की हदें पार कर दीं।
घटना कैसे हुई
यह घटना 24 अप्रैल की बताई जा रही है। लदवा गांव (वार्ड संख्या-13) निवासी मो. इरफान आलम अपनी पत्नी मुन्नी खातून के साथ डगरूआ जा रहे थे। इसी दौरान चमरेला पुल के पास पहले से घात लगाए बैठे दो आरोपियों—मो. शहनवाज उर्फ चेंगना और मो. सद्दाम—ने उनका रास्ता रोक लिया।
पति को अधमरा किया
आरोप है कि दोनों हमलावरों ने इरफान आलम पर अचानक हमला कर दिया और लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही गिर पड़े।
पत्नी के साथ दरिंदगी
जब मुन्नी खातून अपने पति को बचाने के लिए आगे आईं, तो आरोपियों ने उनके साथ भी क्रूरता दिखाई। पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने न केवल मारपीट की, बल्कि बाल पकड़कर सड़क पर घसीटा और उनके कपड़े तक फाड़ दिए। इस दौरान दोनों को जान से मारने की धमकी भी दी गई।
मुखबिरी का शक बना वजह
पीड़िता का आरोप है कि हमलावर इलाके में स्मैक तस्करी और अवैध हथियारों के कारोबार में शामिल हैं। उन्हें शक था कि दंपति ने उनके खिलाफ पुलिस को सूचना दी है, जिसके चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया।
अस्पताल में जिंदगी की जंग
हमले में घायल इरफान आलम की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। परिवार के अनुसार, उनकी स्थिति नाजुक है।
पुलिस में शिकायत, जांच शुरू
पीड़िता मुन्नी खातून ने डगरूआ थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इलाके में दहशत, प्रशासन पर सवाल
इस घटना के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्मैक माफियाओं का मनोबल इतना बढ़ गया है कि वे खुलेआम कानून को चुनौती दे रहे हैं।


















