यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रेलवे बोर्ड ने देशभर के सभी जोनल रेलवे के लिए एक अहम निर्देश जारी किया है। नए आदेश के तहत अब उन छोटे और मध्यम रेलवे स्टेशनों पर, जहां कई ट्रेनें बिना ठहराव के तेज रफ्तार में गुजरती हैं, यात्रियों को सतर्क करने के लिए पूर्व-रिकॉर्डेड चेतावनी घोषणाएं अनिवार्य कर दी गई हैं।
रेलवे बोर्ड का मानना है कि रन-थ्रू ट्रेनों (जो स्टेशनों पर नहीं रुकतीं) की वजह से दुर्घटनाओं का खतरा सबसे ज्यादा बना रहता है। खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों के स्टेशनों पर अक्सर यात्री अनजाने में रेलवे ट्रैक पार कर लेते हैं या प्लेटफॉर्म के किनारे खड़े हो जाते हैं, जिससे गंभीर हादसों की आशंका बढ़ जाती है। इन्हीं जोखिमों को कम करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।
हिंदी और अंग्रेजी में होगी एक समान चेतावनी घोषणा
रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि देशभर के सभी चिन्हित स्टेशनों पर एक समान प्रारूप की चेतावनी घोषणा लागू की जाएगी। यह घोषणा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगी और ऑडियो क्लिप के रूप में बार-बार प्रसारित की जाएगी।
घोषणा के जरिए यात्रियों से अपील की जाएगी कि—
- वे रेलवे ट्रैक पार न करें
- प्लेटफॉर्म के किनारे खड़े न हों
- एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए केवल फुट ओवर ब्रिज (FOB) या अंडरपास का ही उपयोग करें
जोनल रेलवे को दी गई जिम्मेदारी
रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को यह अधिकार दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे स्टेशनों की पहचान करें, जहां यह व्यवस्था तुरंत लागू की जानी आवश्यक है। साथ ही इस प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए सिग्नल और टेलीकम्युनिकेशन विभाग से तकनीकी सहयोग लेने के भी निर्देश दिए गए हैं।
दुर्घटनाओं में आएगी कमी, बढ़ेगी जागरूकता
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से स्टेशनों पर यात्रियों में सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आएगी। खासकर भीड़भाड़ वाले समय और तेज रफ्तार ट्रेनों के गुजरने के दौरान यह चेतावनी यात्रियों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है।














