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सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने का निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण

पटना।
प्रदेश में सुलभ स्वास्थ्य और सुरक्षित जीवन के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार द्वारा सात निश्चय 3.0 के तहत किए गए संकल्पों को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के महासचिव डॉ. अमिताभ कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्य कैबिनेट को धन्यवाद देते हुए कहा है कि सात निश्चय 3.0 के पांच संकल्पों में से अंतिम दो राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन लाने वाले साबित होंगे।

डॉ. अमिताभ कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री और कैबिनेट द्वारा पारित “सुलभ स्वास्थ्य–सुरक्षित जीवन” से जुड़े पांचवें निश्चय से बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक और स्थायी सुधार देखने को मिलेगा। इस नीति के लागू होने से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की गुणवत्ता, पहुंच और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे आम जनता को बेहतर और सुलभ चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।

उन्होंने बताया कि सात निश्चय 3.0 के तहत प्रखंड स्तर से लेकर जिला स्तर तक स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त बनाने की स्पष्ट और दूरदर्शी योजना तैयार की गई है। इसके अंतर्गत प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र (स्पेशियलिटी हॉस्पिटल) के रूप में विकसित किया जाएगा, जबकि जिला अस्पतालों को अति विशिष्ट चिकित्सा केंद्र (सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल) के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। इससे गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को पटना या बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

डॉ. अमिताभ कुमार ने कहा कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चिकित्सकों को विशेष प्रोत्साहन राशि और अन्य सुविधाएं देने का प्रावधान किया गया है। इससे ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित होगी और वहां की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने का निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी और मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सकेगा। इस फैसले का सीधा लाभ गरीब और जरूरतमंद मरीजों को मिलेगा, जो पूरी तरह सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर निर्भर रहते हैं।

अंत में डॉ. अमिताभ कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह दूरदर्शी निर्णय बिहार में सुलभ स्वास्थ्य और सुरक्षित जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा और आने वाले समय में प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल देगा।

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