Bihar में मुख्यमंत्री Samrat Choudhary के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नई कैबिनेट चर्चा का केंद्र बन गई है। गुरुवार को हुए विस्तार में एनडीए सरकार ने अनुभव, युवा नेतृत्व और सामाजिक संतुलन का खास ध्यान रखा है। नई टीम में इंजीनियर, डॉक्टर, IPS अधिकारी, MBA और पीएचडी डिग्रीधारी नेताओं को जगह मिली है, तो वहीं कई पुराने और अनुभवी नेताओं को भी अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कैबिनेट में उपमुख्यमंत्री रह चुके Vijay Kumar Sinha जैसे अनुभवी नेता शामिल हैं, जिन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और लंबे समय से भाजपा की राजनीति में सक्रिय हैं। वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Dilip Jaiswal पीएचडी डिग्रीधारी हैं और कई अहम विभागों में मंत्री रह चुके हैं।
नई टीम में Nitish Mishra जैसे MBA शिक्षित और विकास कार्यों के लिए चर्चित नेता को भी जगह मिली है। वहीं अंतरराष्ट्रीय शूटर और भाजपा विधायक Shreyasi Singh युवा चेहरों में सबसे चर्चित नामों में शामिल हैं।
कैबिनेट में कई ऐसे चेहरे भी हैं जिनकी पहचान जमीनी राजनीति से बनी है। Shravan Kumar 1995 से लगातार विधायक हैं और ग्रामीण विकास विभाग संभाल चुके हैं। वहीं Ashok Choudhary को लंबे प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव के कारण अहम नेता माना जाता है।
इस बार मंत्रिमंडल में राजनीतिक परिवारों से आने वाले नेताओं को भी जगह मिली है। Nishant Kumar को मुख्यमंत्री Nitish Kumar के पुत्र के रूप में खास पहचान मिली है, जबकि Santosh Kumar Suman पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के पुत्र हैं।
कैबिनेट में पूर्व IPS अधिकारी Sunil Kumar और MBBS डॉक्टर Shweta Gupta जैसे प्रोफेशनल पृष्ठभूमि वाले नेताओं को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा कई मंत्री पहली बार विधानसभा पहुंचकर सीधे मंत्री पद तक पहुंचे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सम्राट चौधरी की नई टीम में जातीय, क्षेत्रीय और अनुभव का संतुलन बनाने की कोशिश साफ दिखाई दे रही है। एनडीए ने युवा चेहरों के साथ अनुभवी नेताओं को जोड़कर आगामी चुनावी रणनीति को मजबूत करने का संकेत दिया है।
















