बिहार के सुपौल नगर परिषद क्षेत्र में सोमवार देर रात एक गैस सिलेंडर ब्लास्ट ने भारी तबाही मचा दी। धमाके के बाद लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और तीन घरों को अपनी चपेट में ले लिया।
चश्मदीदों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि सुनील पंडित और कपिल पंडित के घर पूरी तरह जलकर खाक हो गए। आग की लपटें आसमान तक उठती दिखीं और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
धमाका इतना जोरदार था कि सिलेंडर का एक हिस्सा उछलकर पास के धर्मेंद्र के घर के पास जा गिरा। हालांकि, राहत की बात रही कि उनके घर को नुकसान नहीं पहुंचा और बड़ा हादसा टल गया।
स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग पर देरी से पहुंचने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अगर फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती, तो नुकसान कम हो सकता था। बाद में दमकल की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक तीन परिवारों का आशियाना जलकर राख हो चुका था।
इस अग्निकांड में करीब 3 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति के नुकसान का अनुमान है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि नुकसान का आकलन कर प्रभावित परिवारों को जल्द मुआवजा और राहत सहायता दी जाएगी।
यह घटना एक बार फिर सुरक्षा इंतजामों और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।














