Bihar News: करीब तीन दशक पुराने चर्चित हत्या मामले में पूर्व सांसद सूरजभान सिंह को बड़ी कानूनी राहत मिली है। बेगूसराय के 1996 के इस मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में उन्हें बरी कर दिया।
विशेष न्यायाधीश ब्रजेश कुमार सिंह की अदालत ने सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। इस मामले में सह-आरोपी अजीत सिंह को भी राहत दी गई है। मामला 29 जुलाई 1996 का है, जब बरौनी थाना क्षेत्र के बीहट गांव निवासी रंजीत कुमार की सीताराम इंजीनियर के डेरा पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
घटना के बाद मृतक के पिता ने बरौनी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शुरुआती एफआईआर में सूरजभान सिंह का नाम शामिल नहीं था, लेकिन बाद में जांच के दौरान केस डायरी में उनका नाम जोड़ा गया।
अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल सात गवाह पेश किए गए, जिनमें पानो देवी, रामेश्वर भगत, लुसिया देवी, नवल किशोर सिंह, फुलेना सिंह, गणेश सिंह और डॉ. प्रेमचंद कुमार शामिल थे। हालांकि, सुनवाई के दौरान अधिकांश गवाह अपने पहले के बयान से मुकर गए और घटना की पुष्टि नहीं कर सके।
इसी के आधार पर अदालत ने माना कि आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं और सभी आरोपियों को बरी कर दिया। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद मंसूर आलम ने पैरवी की।
इस फैसले के साथ लगभग 30 साल पुराने इस बहुचर्चित मामले का अंत हो गया।
पटना से राहुल कुमार की रिपोर्ट













