पश्चिम बंगाल में चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) करेगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी थी। अब इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच औपचारिक रूप से सीबीआई को सौंप दी गई है।
सीबीआई ने बयान जारी कर बताया कि मामले की जांच के लिए डीआईजी स्तर के अधिकारी की अगुवाई में सात सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। इससे पहले पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की सिफारिश की थी। अब सीबीआई ने राज्य पुलिस से केस का पूरा जिम्मा अपने हाथ में ले लिया है।
मामले ने उस समय और गंभीर मोड़ ले लिया जब उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन कथित शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया गया। पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष जांच टीम ने तकनीकी निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर दोनों राज्यों में छापेमारी कर इन आरोपियों को पकड़ा था। गिरफ्तारी के बाद तीनों को पश्चिम बंगाल लाया गया और उत्तरी 24 परगना जिले की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 13 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
जांच एजेंसियों के मुताबिक शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि हमलावर पश्चिम बंगाल के बाहर के थे और हत्या की पूरी वारदात सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई थी। पुलिस को शक है कि इस हत्या के पीछे बड़ा आपराधिक नेटवर्क या साजिश हो सकती है।
जांच में सामने आया है कि घटना के दिन चंद्रनाथ रथ की कार को रास्ते में रोका गया था। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार हमलावर उनकी गाड़ी का पीछा कर रहे थे। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार एक बाइक उनकी कार के बेहद करीब पहुंची, जिसके बाद हमलावर ने करीब 10 राउंड फायरिंग कर दी। गोली लगने से चंद्रनाथ रथ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके ड्राइवर बुद्धदेव बेरा गंभीर रूप से घायल हो गए।
अब सीबीआई इस पूरे मामले की गहराई से जांच करेगी। एजेंसी यह पता लगाने में जुटेगी कि हत्या के पीछे असली साजिशकर्ता कौन हैं, हमलावरों को किसने भेजा और वारदात की योजना कहां बनाई गई थी। राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस मामले पर अब पूरे देश की नजर टिकी हुई है।














