Suvendu Adhikari ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की राजनीति में नया इतिहास रच दिया। वह पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं। कोलकाता के Brigade Parade Ground में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में हजारों भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। सुवेंदु अधिकारी ने बांग्ला भाषा में ईश्वर के नाम पर पद और गोपनीयता की शपथ ली।
हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 207 सीटों पर जीत दर्ज की। इसी प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा ने पहली बार राज्य में अपनी सरकार बनाई। समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah समेत एनडीए शासित कई राज्यों के मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
सुवेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक मजबूत और प्रभावशाली चेहरा माना जाता है। वे अपनी आक्रामक राजनीतिक शैली, संगठन क्षमता और मजबूत जनाधार के लिए जाने जाते हैं। नंदीग्राम आंदोलन से राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंचने वाले सुवेंदु अधिकारी ने बंगाल की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है।
सुवेंदु अधिकारी का जन्म 15 दिसंबर 1970 को पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में हुआ था। उनके पिता Sisir Adhikari लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में रहे और सांसद भी रह चुके हैं। राजनीतिक परिवार से आने के कारण सुवेंदु अधिकारी की रुचि भी शुरू से राजनीति में रही। उन्होंने University of Calcutta से शिक्षा प्राप्त की और छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की।
उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी, लेकिन बाद में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। वर्ष 2007 के नंदीग्राम आंदोलन के दौरान वे सबसे चर्चित नेताओं में शामिल रहे। इस आंदोलन ने उन्हें राज्यभर में बड़ी पहचान दिलाई और वे तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में गिने जाने लगे।
सुवेंदु अधिकारी कई बार सांसद और विधायक चुने गए। उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार में परिवहन, सिंचाई और जल संसाधन जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी भी संभाली। साल 2020 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। भाजपा में शामिल होने के बाद वे पश्चिम बंगाल में पार्टी के सबसे बड़े चेहरों में उभरे।
वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने Mamata Banerjee को नंदीग्राम सीट पर कड़े मुकाबले में हराकर राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी सुर्खियां बटोरीं। इसके बाद उन्हें पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया गया।
सुवेंदु अधिकारी को हिंदुत्व राजनीति, मजबूत संगठन क्षमता और जमीनी पकड़ वाला नेता माना जाता है। पूर्व और दक्षिण बंगाल के कई इलाकों में उनका प्रभाव काफी मजबूत माना जाता है। उनके भाई Dibyendu Adhikari भी सक्रिय राजनीति में हैं। सुवेंदु अधिकारी अपनी सादगीपूर्ण जीवनशैली और जनसभाओं में आक्रामक भाषण शैली के लिए खास पहचान रखते हैं।
















