नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत सरकार बनने के बाद आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में एक बेहद भावुक और चर्चा में रहने वाला दृश्य देखने को मिला। जैसे ही प्रधानमंत्री Narendra Modi मंच पर पहुंचे, उनकी नजर 98 वर्षीय वरिष्ठ भाजपा नेता Makhanlal Sarkar पर पड़ी। पीएम मोदी तुरंत उनके पास पहुंचे, चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और काफी देर तक उन्हें गले लगाए रखा।
यह दृश्य देखते ही पूरा समारोह तालियों से गूंज उठा। बंगाल में भाजपा के इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में पार्टी ने माखनलाल सरकार को मंच पर विशेष स्थान देकर सम्मानित किया।
दरअसल माखनलाल सरकार उन नेताओं में गिने जाते हैं, जिन्होंने पश्चिम बंगाल में भाजपा की शुरुआती नींव मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। पार्टी के कठिन दौर में भी वे लगातार संगठन के लिए काम करते रहे।
बताया जाता है कि आंदोलन और संगठन विस्तार के दौरान उन्हें कई बार विरोध का सामना करना पड़ा। यहां तक कि राजनीतिक आंदोलनों के दौरान उन्हें गिरफ्तार भी किया गया और जेल तक जाना पड़ा। बावजूद इसके उन्होंने पार्टी का साथ नहीं छोड़ा।
साल 1980 में Bharatiya Janata Party के गठन के बाद उन्हें पश्चिम बंगाल के पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों में संगठन मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उनकी मेहनत और संगठन क्षमता का असर यह हुआ कि महज एक वर्ष के भीतर उन्होंने करीब 10 हजार नए सदस्यों को भाजपा से जोड़ दिया।
साल 1981 से लगातार सात वर्षों तक वे पार्टी के जिलाध्यक्ष रहे। उस दौर में यह बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी, क्योंकि आमतौर पर कोई भी नेता किसी संगठनात्मक पद पर लंबे समय तक नहीं टिक पाता था।
आज पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के पीछे जिन जमीनी नेताओं के दशकों के संघर्ष को याद किया जा रहा है, उनमें माखनलाल सरकार का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। पीएम मोदी द्वारा सार्वजनिक मंच से उनके चरण स्पर्श को भी उसी संघर्ष और समर्पण के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।
















