दलसिंहसराय।
समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय स्थित आरबी कॉलेज एक बार फिर विवादों में घिर गया है। स्नातक स्तर की आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा में खुलेआम अनियमितता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में छात्र अपनी पसंद से प्रश्न पत्र चुनते हुए परीक्षा देते नजर आ रहे हैं, जिससे परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि यह वीडियो 8 जनवरी का है और स्नातक सत्र 2025–29 के उन छात्रों की आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा से जुड़ा है, जिनकी परीक्षा किसी कारणवश पहले छूट गई थी। वीडियो में कॉलेज परिसर में भारी भीड़ देखी जा सकती है, जहां परीक्षा कर्मियों द्वारा प्रश्न पत्र खुले तौर पर रखे गए हैं और परीक्षार्थी अपनी सुविधा के अनुसार प्रश्न पत्र उठाकर परीक्षा दे रहे हैं।
मामला सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस वीडियो को राष्ट्रीय जनता दल के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से साझा करते हुए बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के शासन में बिहार की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। तेजस्वी यादव ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इधर, वीडियो वायरल होने के बाद छात्रों, अभिभावकों और छात्र संगठनों में भी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि अगर आंतरिक मूल्यांकन में इस तरह की धांधली हो रही है, तो छात्रों के मेरिट और मेहनत का कोई मतलब नहीं रह जाता। छात्र संगठनों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
वहीं, कॉलेज प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेने का दावा किया है। आरबी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. वीरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि यह मामला आंतरिक मूल्यांकन परीक्षा से संबंधित है। परीक्षा कार्य में लगे कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में इस तरह की अनियमितता दोबारा न हो, इसके लिए व्यवस्था में सुधार का आश्वासन भी दिया गया है।
फिलहाल, यह वीडियो बिहार की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त खामियों को उजागर कर रहा है। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद दोषियों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है और क्या छात्रों का भरोसा दोबारा बहाल हो पाता है या नहीं।
















