पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान 7 मई को बिहार की सियासत का सबसे बड़ा मंच बनने जा रहा है। NDA सरकार का बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार इस बार सिर्फ शपथ ग्रहण समारोह नहीं, बल्कि सियासी ताकत के बड़े प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनने वाले नए मंत्रिमंडल में कई नए चेहरों को मौका मिलने की चर्चा है। राज्यपाल सय्यद अता हसनैन नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के कई बड़े नेताओं की मौजूदगी कार्यक्रम की राजनीतिक अहमियत को और बढ़ा सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, सम्राट चौधरी हाल ही में दिल्ली से लौटे हैं, जहां उन्होंने अमित शाह के साथ-साथ NDA के सहयोगी दलों के नेताओं—जदयू के राजीव रंजन सिंह, हम के जीतन राम मांझी और लोजपा (रा) के चिराग पासवान—के साथ गहन मंथन किया। माना जा रहा है कि मंत्रियों की सूची लगभग तैयार है और अब सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी है।
243 सदस्यीय विधानसभा में अधिकतम 30 मंत्रियों की संवैधानिक सीमा के भीतर इस विस्तार में सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधना सबसे बड़ी चुनौती होगी। खबर है कि इस बार भाजपा और जदयू के बीच कुछ अहम विभागों की अदला-बदली भी हो सकती है। नीतीश कुमार की पिछली सरकार में भाजपा के पास रहे कुछ विभाग जदयू को दिए जाने की संभावना जताई जा रही है, जिससे गठबंधन के भीतर संतुलन मजबूत करने की कोशिश होगी।
इधर, गांधी मैदान में भव्य मंच तैयार किया जा रहा है। सुरक्षा, टेंट, बैरिकेडिंग और वीवीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में है। साफ है कि यह आयोजन केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि NDA की एकजुटता और ताकत दिखाने का बड़ा मंच बनने जा रहा है।






















