चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता पर गंभीर प्रश्न खड़ा करने वाली बड़ी लापरवाही मोतीहारी के सुगौली विधानसभा क्षेत्र में सामने आई है। मतदान के अगले दिन बूथ संख्या 219 पर 171 से 271 नंबर तक की VVPAT पर्चियाँ बिखरी हुई पाई गईं। इस घटना ने प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मचा दिया, जिसके बाद जिला निर्वाची पदाधिकारी-सह-डीएम सौरभ जोरवाल ने त्वरित और कठोर कार्रवाई की है।

चार मतदान कर्मी तत्काल निलंबित
VVPAT जैसी अत्यंत संवेदनशील प्रणाली से जुड़े मामले में लापरवाही को गंभीर मानते हुए डीएम ने बूथ के
पीठासीन पदाधिकारी,
प्रथम मतदान पदाधिकारी,
द्वितीय मतदान पदाधिकारी,
तृतीय मतदान पदाधिकारी
को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबन अवधि के दौरान सभी कर्मियों का नया मुख्यालय जिला शिक्षा कार्यालय, मोतीहारी निर्धारित किया गया है।
विभागीय कार्रवाई के आदेश
डीएम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को निर्देश दिया है कि सभी चार कर्मियों के विरुद्ध प्रपत्र-क के तहत आरोप गठित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए और पूरी प्रक्रिया की अद्यतन जानकारी उन्हें उपलब्ध कराई जाए।
निलंबित कर्मियों की सूची
प्रभाकर कुमार सिंह — शिक्षक, उत्क्रमित मध्य विद्यालय कुशहर (पीठासीन पदाधिकारी)
शुभम कुमार बाजपेयी — उत्क्रमित मध्य विद्यालय भुसहा संग्रामपुर (प्रथम मतदान पदाधिकारी)
मो. एजाज आलम — शिक्षक, उत्क्रमित उच्च विद्यालय गुरमिया मधुबन (द्वितीय मतदान पदाधिकारी)
मो. परवेज आलम — शिक्षक, मदरसा निजामिया दिलावरपुर, कल्याणपुर (तृतीय मतदान पदाधिकारी)
चुनावी प्रक्रिया में शून्य सहनशीलता का संदेश
VVPAT पर्चियों की इतनी बड़ी संख्या में बरामदगी ने न केवल मतदान कर्मियों की लापरवाही को उजागर किया है, बल्कि यह चुनावी पारदर्शिता, अनुशासन और सतर्कता पर भी सवाल खड़ा करती है। डीएम द्वारा की गई कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी तरह की ढिलाई बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मोतीहारी प्रशासन अब इस घटना की गहराई से जांच कर सभी जिम्मेदारों पर कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में सक्रिय है।


















