बिहार में नई एनडीए सरकार के गठन के बाद अब सबकी निगाहें विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) पद पर टिकी हुई हैं। सूत्रों के अनुसार, बीजेपी के वरिष्ठ नेता और वर्तमान मंत्री प्रेम कुमार को विधानसभा का नया स्पीकर बनाए जाने की संभावना मजबूत हो गई है।
इन अटकलों को तब और बल मिला जब सोमवार को प्रेम कुमार, डिप्टी सीएम और पूर्व स्पीकर विजय कुमार सिन्हा के आवास पर पहुंचे। मुलाकात के बाद विजय सिन्हा ने खुले तौर पर प्रेम कुमार के नाम का समर्थन किया। उन्होंने कहा—
“प्रेम कुमार सदन में बीजेपी के सबसे सीनियर नेता हैं। हमें विश्वास है कि वे सदन को सुचारू रूप से चलाएंगे। पार्टी जो फैसला करेगी, उसका स्वागत है।”
बीजेपी–जेडीयू के बीच खींचतान, लेकिन स्पीकर पद पर बीजेपी की पकड़ मजबूत
सूत्र बताते हैं कि स्पीकर पद को लेकर बीजेपी और जेडीयू के बीच खींचतान थी, लेकिन अब संकेत मिल रहे हैं कि यह अहम पद बीजेपी के पास ही रहेगा। स्पीकर पद के साथ-साथ सरकार में महत्वपूर्ण विभागों को लेकर भी बीजेपी अपनी दावेदारी मजबूत कर रही है।
गठबंधन के सहयोगी दलों—चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा—के साथ तादात्म्य बनाने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान संभाल रहे हैं। वे आज (मंगलवार) दिल्ली से पटना पहुंचेंगे, जिसके बाद समीकरण और स्पष्ट हो सकते हैं।
दिल्ली में तेज राजनीतिक हलचल
इधर, बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के बंटवारे को अंतिम रूप देने के लिए दिल्ली में राजनीतिक गतिविधि तेज है। जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह और संजय झा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की है।
वहीं, जीतन राम मांझी और ‘हम’ विधायक दल के नेता प्रफुल्ल कुमार मांझी ने पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। इन बैठकों से संकेत मिल रहे हैं कि बिहार में जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार पर अंतिम निर्णय हो सकता है।
स्पीकर पद और विभागों को लेकर अभी भी गहन मंथन जारी
हालांकि गतिविधियाँ तेज़ हैं, लेकिन स्पीकर पद और विभागों के बंटवारे को लेकर शीर्ष स्तर पर मंथन अभी जारी है। उम्मीद की जा रही है कि केंद्रीय नेतृत्व की बातचीत के बाद एनडीए की स्पष्ट रणनीति सामने आएगी और स्पीकर पद पर अंतिम मुहर लग जाएगी।














