बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। एक तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एमएलसी पद से इस्तीफा देने के बाद उनके मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफे की चर्चाएं जोरों पर हैं, वहीं दूसरी ओर विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
दरअसल, बिहार विधान परिषद की कुल 11 सीटें खाली हो रही हैं, जिन पर चुनाव होना है। जानकारी के अनुसार, जून 2026 में 9 विधान पार्षदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इसके अलावा दो सीटें पहले ही इस्तीफे के कारण खाली हो चुकी हैं। ऐसे में इन सभी सीटों पर चुनाव को लेकर पटना से लेकर दिल्ली तक सियासी सरगर्मी बढ़ गई है।
राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो सत्तारूढ़ एनडीए इस चुनाव में मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। मौजूदा आंकड़ों के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि 11 में से करीब 10 सीटें एनडीए के खाते में जा सकती हैं। ऐसे में विपक्ष के लिए यह चुनाव चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
इधर, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी भी एमएलसी चुनाव में अपनी दावेदारी मजबूत कर रही है। बताया जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव में अपने 19 विधायकों के समर्थन के बदले लोजपा (रामविलास) एक सीट की मांग कर रही है।
इसके अलावा, भाजपा कोटे से खाली हुई सीट (मंगल पांडेय के इस्तीफे के बाद) और जदयू कोटे से खाली हुई सीट (नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद) पर उपचुनाव भी कराया जाएगा।
कुल मिलाकर, बिहार में एमएलसी चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है और आने वाले दिनों में उम्मीदवारों के नामों को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।















