बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार फिलहाल टल गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दिल्ली दौरे के बाद भी नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण की तारीख तय नहीं हो सकी है।
सूत्रों के मुताबिक, देरी की मुख्य वजह भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की व्यस्तता है। पार्टी इस समय देश के कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी हुई है, जिससे केंद्रीय नेतृत्व बिहार के फैसलों पर समय नहीं दे पा रहा है।
बताया जा रहा है कि मंत्रियों के नामों पर अंतिम फैसला केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद ही होगा। हालांकि अभी तक दोनों की मुलाकात नहीं हो पाई है।
इसके अलावा सहयोगी दल जनता दल (यूनाइटेड) के साथ विभागों के बंटवारे को लेकर भी सहमति नहीं बन पाई है, जिससे प्रक्रिया और धीमी हो गई है।
संभावना जताई जा रही है कि चुनावी व्यस्तता कम होने के बाद, यानी 5 मई के बाद ही मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है।
पटना से अजय शास्त्री की रिपोर्ट
















