बेगूसराय। बेगूसराय जिले के तेघड़ा थाना क्षेत्र से सरकारी कार्य में बाधा और चौकीदार पर हमले का एक गंभीर मामला सामने आया है। सरकारी नोटिस तामिला कराने गए एक चौकीदार के साथ कथित रूप से मारपीट, सरकारी दस्तावेज फाड़ने और नकदी छीनने की घटना ने पुलिस महकमे में भी हलचल पैदा कर दी है। मामले में तेघड़ा थाना पुलिस ने चार नामजद समेत सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तेघड़ा थाना में कार्यरत चौकीदार राहुल कुमार ने थाना में लिखित आवेदन देकर आरोप लगाया है कि 31 मई 2026 की रात करीब 8 बजे वह थाना से प्राप्त सरकारी नोटिस तामिला कराने के लिए बरौनी-2 वार्ड संख्या 3 जा रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनकी इलेक्ट्रिक स्कूटी रोक ली और गाली-गलौज शुरू कर दी।
पीड़ित चौकीदार का आरोप है कि आरोपितों ने उनके पास मौजूद सरकारी नोटिस छीन लिया और उसे फाड़ दिया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपितों ने लाठी, डंडा, फाइटर और अन्य वस्तुओं से हमला कर दिया। हमले में उनके सिर पर गंभीर चोट लगी, जिससे वे घायल हो गए और उनके सिर से खून बहने लगा।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि मारपीट के दौरान उनकी जेब में रखे 2100 रुपये भी छीन लिए गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पीड़ित द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर मनीष कुमार, सूरज कुमार उर्फ बैला, शुभम कुमार और सूरज कुमार को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। इसके अलावा तीन अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
चौकीदार राहुल कुमार ने बताया कि शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों को आता देख सभी आरोपित जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए। बाद में ग्रामीणों की मदद से उन्हें इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल, तेघड़ा में भर्ती कराया गया।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में दर्ज मामलों में पुलिस कार्रवाई और छापेमारी के कारण आरोपित उनसे नाराज थे। इसी रंजिश के तहत उन पर हमला किया गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए तेघड़ा थाना पुलिस ने कांड संख्या 257/26 दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकारी कर्मी पर हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोपितों के खिलाफ पुलिस कब तक कार्रवाई करती है।
रिपोर्ट- अजय शास्त्री

















