आरा (भोजपुर):
बिहार में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब स्कूल जाने वाले छात्र भी उनकी गोलियों से सुरक्षित नहीं हैं। भोजपुर जिले के आरा शहर में सोमवार की देर शाम एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जिसने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया।
नवादा थाना क्षेत्र के गायत्री चौक स्थित डिफेंस कॉलोनी के पास बदमाशों ने कोचिंग से घर लौट रहे एक स्कूली छात्र को गोली मार दी। गोली छात्र के बाएं पैर में घुटने के नीचे लगी, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल छात्र को आनन-फानन में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
घायल छात्र की पहचान
जख्मी छात्र की पहचान अगिआंव बाजार थाना क्षेत्र के तेलाढ़ गांव निवासी राजीव राय के 16 वर्षीय पुत्र अंकित कुमार के रूप में हुई है। अंकित दसवीं कक्षा का छात्र है और वर्तमान में नवादा थाना क्षेत्र के जगदेव नगर गली नंबर-10 में अपने परिवार के साथ रहता है।
पहले से चल रहा था विवाद
घायल छात्र अंकित कुमार ने पुलिस को बताया कि मोहल्ले के कुछ लड़कों और दूसरे मोहल्ले के युवकों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। उसी विवाद के चलते उसे निशाना बनाया गया। अंकित के अनुसार सोमवार की सुबह ही सत्यम नामक युवक ने फोन कर धमकी दी थी कि “आज जहां दिखोगे, मार दिए जाओगे।”
झोपड़ी से निकले तीन युवक, की फायरिंग
शाम के समय जब अंकित कोचिंग से पढ़कर घर लौट रहा था और गायत्री चौक डिफेंस कॉलोनी के पास पहुंचा, तभी एक झोपड़ीनुमा घर से तीन युवक अचानक बाहर निकले और उस पर पिस्टल तान दी। जान बचाने के लिए अंकित भागने लगा, लेकिन बदमाशों ने पीछे से गोली चला दी, जो उसके पैर में जा लगी।
अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर
सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मौजूद ऑर्थो सर्जन डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि गोली छात्र के बाएं पैर में घुटने के पीछे फंसी हुई है। प्राथमिक उपचार कर दिया गया है और फिलहाल छात्र की हालत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही नवादा थाना के थानाध्यक्ष बिपिन बिहारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने घायल छात्र और उसके परिजनों से पूछताछ की है। छात्र के बयान के आधार पर नामजद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
कानून-व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
सरेराह एक नाबालिग छात्र को गोली मारे जाने की इस घटना ने एक बार फिर बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों में भय का माहौल है और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।

















