नई दिल्ली/गुवाहाटी: असम की राजनीति में चुनाव से ठीक पहले बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा और गौरव गोगोई पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस “पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप द्वारा सप्लाई किए गए फर्जी दस्तावेजों” पर आधारित थी।
क्या हैं आरोप
रविवार को दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पवन खेड़ा ने दावा किया था कि मुख्यमंत्री की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा के पास तीन देशों—यूएई, एंटीगुआ और बारबुडा और मिस्र—के पासपोर्ट हैं। इसके साथ ही दुबई में संपत्ति और अमेरिका (वायोमिंग) में कंपनी होने का आरोप भी लगाया गया, जिसका जिक्र चुनावी हलफनामे में नहीं होने की बात कही गई।
खेड़ा ने यह भी सवाल उठाया कि यदि सरमा की राजनीति मुस्लिम विरोध पर आधारित है, तो उनकी पत्नी के पास “मुस्लिम देशों” के पासपोर्ट कैसे हो सकते हैं, और क्या यह भारतीय कानून के तहत ड्यूल सिटीजनशिप का उल्लंघन नहीं है।
सरमा का जवाब: “AI फोटोशॉप और फर्जी दस्तावेज”
सोमवार को जवाब देते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि:
- यूएई पासपोर्ट की तस्वीर मूल रूप से एक पाकिस्तानी व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर अपलोड की गई थी
- कांग्रेस ने उसमें AI और फोटोशॉप के जरिए उनकी पत्नी का नाम जोड़ दिया
- मिस्र का पासपोर्ट भी फर्जी है, जिसे गूगल रिवर्स इमेज सर्च से सत्यापित किया जा सकता है
- दुबई सरकार की वेबसाइट और भारतीय एजेंसियों ने भी दस्तावेजों को फर्जी बताया है
उन्होंने यह भी कहा कि पासपोर्ट में इस्तेमाल फोटो उनकी पत्नी का नहीं है।
“पाकिस्तान का हस्तक्षेप” का आरोप
सरमा ने दावा किया कि:
- दिल्ली और गुवाहाटी में हुई दोनों प्रेस कॉन्फ्रेंस का कंटेंट एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप से आया
- पिछले 10 दिनों में एक पाकिस्तानी चैनल ने असम चुनाव पर 11 टॉक शो किए
- इन सभी में कांग्रेस की जीत की बात कही गई
उन्होंने इसे असम चुनाव में बाहरी हस्तक्षेप बताते हुए जांच की मांग की।
FIR और कानूनी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने बताया कि:
- उनकी पत्नी ने पवन खेड़ा के खिलाफ FIR दर्ज कराई है
- उन्होंने खुद भी फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल पर शिकायत की है
- IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 468 (जालसाजी) के तहत कार्रवाई की बात कही गई
- मानहानि का दीवानी और आपराधिक मुकदमा भी दायर किया जाएगा
कांग्रेस का पलटवार
गौरव गोगोई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए “दुबई गोल्डन वीजा” का जिक्र किया और कहा कि यह निवेशकों को यूएई में लंबी अवधि तक रहने की अनुमति देता है। कांग्रेस अपने आरोपों पर कायम है और चुनाव आयोग से जांच की मांग कर सकती है।
चुनावी संदर्भ
यह पूरा विवाद असम विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले सामने आया है।
- मतदान: 9 अप्रैल 2026
- मतगणना: 4 मई 2026
- कुल सीटें: 126
सरमा ने इस पूरे मामले को “राजनीतिक साजिश” और चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश बताया है।


















