• Home
  • Crime
  • सरकारी आवास से शराब बरामद होने पर एएसआई महेंद्र पासवान गिरफ्तार; औरंगाबाद पुलिस महकमे में हलचल
Image

सरकारी आवास से शराब बरामद होने पर एएसआई महेंद्र पासवान गिरफ्तार; औरंगाबाद पुलिस महकमे में हलचल

औरंगाबाद (बिहार):
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद पुलिस विभाग के अंदर से ही शराब बरामद होने का मामला सामने आने के बाद पूरे जिले में सनसनी फैल गई है। औरंगाबाद के कुटुम्बा थाना में तैनात एएसआई महेंद्र पासवान को उनके सरकारी आवास से शराब बरामद होने के बाद कोर्ट परिसर से ही गिरफ्तार कर लिया गया। यह घटना पुलिस की कार्यप्रणाली और शराबबंदी अभियान पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

मामला कैसे सामने आया?

सूत्रों के अनुसार कुटुम्बा पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि एएसआई महेंद्र पासवान अपने सरकारी क्वार्टर में शराब छिपाकर रखते हैं। सूचना को वरीय अधिकारियों तक पहुंचाया गया, जिसके बाद तत्काल छापेमारी का आदेश जारी हुआ।
ओडी पदाधिकारी मिक्कू कुमार की नेतृत्व में पुलिस टीम बैरक स्थित उनके सरकारी कमरे पर पहुंची और जब ताला तोड़कर तलाशी ली गई, तो वहां से 500 एमएल की छह बियर कैन बरामद हुईं।

बरामदगी की पुष्टि के बाद थाना अध्यक्ष इमरान आलम ने बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत एएसआई के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।

कोर्ट परिसर से तत्काल गिरफ्तारी

गौर करने वाली बात यह है कि एएसआई महेंद्र पासवान उसी दिन एक मारपीट मामले में फरार आरोपियों को रिमांड पर व्यवहार न्यायालय लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान उनसे जुड़ी शराब बरामदगी की जानकारी सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें कोर्ट परिसर से ही गिरफ्तार कर लिया।
कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

एएसआई महेंद्र पासवान का दावा – यह मेरे खिलाफ साजिश है

गिरफ्तारी के बाद एएसआई महेंद्र पासवान ने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया।
उनका कहना है कि—

उनके सरकारी कमरे के पीछे का दरवाज़ा कई दिनों से खराब था

इसी का फायदा उठाकर किसी ने साजिशन शराब रख दी

उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है

उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को “सुनियोजित षड्यंत्र” बताया है।

शराबबंदी लागू, लेकिन पुलिस के कमरे से शराब!

शराबबंदी वाले बिहार में पुलिसकर्मी के आवास से शराब मिलना न केवल कानून व्यवस्था की पोल खोलता है, बल्कि शराबबंदी की प्रभावशीलता पर भी गंभीर प्रश्न उठाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शराबबंदी को कमजोर करने में पुलिस की ही एक बड़ी भूमिका रही है। कई ग्रामीणों ने तो यहां तक आरोप लगाया कि यह घटना पुलिसिया गुटबाजी या किसी हिस्सेदारी विवाद का नतीजा भी हो सकती है।

प्रशासन ने क्या कहा?

इस पूरे प्रकरण पर औरंगाबाद सदर एसडीपीओ संजय कुमार पांडेय ने कहा—

“मामले की पूरी निष्पक्ष जांच की जा रही है। कानून सबके लिए समान है। एएसआई महेंद्र पासवान दोषी हैं या साजिश के शिकार—यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।”

उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच पूरी होने के बाद निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएंगे।

जहां सवाल उठे, वहीं पुलिस की कार्रवाई भी चर्चा में

कोर्ट कैंपस में ही एक पुलिस अधिकारी की गिरफ्तारी ने लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
इस घटना ने न सिर्फ शराबबंदी कानून की प्रभावशीलता पर, बल्कि पुलिस महकमे की पारदर्शिता, आंतरिक अनुशासन और ईमानदारी पर भी अहम सवाल खड़े कर दिए हैं।

Releated Posts

Khagaria News: परिजनों को गोली मारने की धमकी दे रहा था युवक, घर से लोडेड कट्टा और कारतूस बरामद, गिरफ्तार

खगड़िया। जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बेलदौर थाना पुलिस को…

ByByAjay Shastri Jun 12, 2026

मुर्गा रखने के विवाद में बुजुर्ग दंपती की पिटाई, घर में घुसकर मारपीट का आरोप

बेगूसराय जिले के मंसूरचक थाना क्षेत्र अंतर्गत गोरापुर गांव में घर के समीप मुर्गा रखने को लेकर हुए…

ByByAjay Shastri Jun 7, 2026

खान सर पर कसा कानूनी शिकंजा, फायरिंग कांड में हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में नामजद

पटना। पटना के चर्चित कोचिंग संचालक खान सर से जुड़े फायरिंग कांड में कानूनी कार्रवाई तेज होती नजर…

ByByAjay Shastri Jun 6, 2026

बेगूसराय में ड्यूटी पर तैनात चौकीदार पर जानलेवा हमला, सरकारी नोटिस फाड़ने और रुपये छीनने का आरोप

बेगूसराय। बेगूसराय जिले के तेघड़ा थाना क्षेत्र से सरकारी कार्य में बाधा और चौकीदार पर हमले का एक…

ByByAjay Shastri Jun 5, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top