अयोध्या में श्रीराम मंदिर के मुख्य शिखर पर धर्मध्वजा स्थापना के बाद पूरा शहर एक बार फिर उत्साह और भक्ति से सराबोर हो उठा। इस ऐतिहासिक क्षण ने न सिर्फ मंदिर परिसर को, बल्कि करोड़ों राम भक्तों के हृदयों को भी गर्व से भर दिया।
धर्मध्वजा के आरोहण के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भावुक होकर इसे “भारत के लिए एक नए युग का प्रारंभ” बताया। उन्होंने कहा कि यह धर्मध्वजा केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीयों के आत्मसम्मान, सांस्कृतिक अस्मिता और हजारों वर्षों की आस्था का प्रतिनिधित्व करती है।
CM योगी बोले: “अयोध्या का वैभव अब दुनिया देख रही है”
सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या का भव्य स्वरूप और श्रीराम मंदिर की आभा आज विश्व को भारतीय सभ्यता की शक्ति बता रही है।
उन्होंने कहा—
“धर्मध्वजा का आरोहण इस बात का संकेत है कि भारत अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर नए युग की ओर बढ़ रहा है। यह आस्था का उत्सव है, राष्ट्र के आत्मविश्वास का उत्सव है।”
राम नगरी में दिवाली जैसा उत्साह
धर्मध्वजा स्थापित होने के बाद अयोध्या में दीप-प्रज्वलन, जय-जयकार, शंखनाद और भजन-कीर्तन की गूंज देर रात तक सुनाई दी। श्रद्धालुओं ने इसे “राम राज्य की प्रतीकात्मक शुरुआत” बताया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सम्पन्न हुआ अनुष्ठान
धर्मध्वजा स्थापना वैदिक ब्राह्मणों और तीर्थ पुरोहितों की मौजूदगी में विशेष विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुई। अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रही।
मंदिर प्रबंधन का बयान
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कहा कि धर्मध्वजा श्रीराम मंदिर के पूर्ण वैभव का प्रतीक है और आने वाले दिनों में मंदिर परिसर में और भी कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए जाएंगे।















