बेगूसराय में एक दर्दनाक स्कूल हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। स्कूल परिसर में भारी लोहे की ग्रिल गिरने से एक छात्र की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने ठेकेदार और स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मृत छात्र के पिता का कहना है कि उनका बेटा किसी निर्माण कार्य का हिस्सा नहीं था, बल्कि ठेकेदार के कहने पर अन्य बच्चों के साथ ग्रिल उठाने में मदद कर रहा था। इसी दौरान हादसा हुआ और भारी ग्रिल उसके ऊपर गिर गई।
पिता ने बताया हादसे से पहले की बात
मृतक छात्र के पिता ने दावा किया कि घटना से पहले बेटे ने उन्हें फोन पर पूरी बात बताई थी। पिता के मुताबिक, स्कूल कैंपस में लाइब्रेरी के लिए एक नया कमरा बनाया जा रहा था। उसी काम के दौरान क्लासरूम में रखा भारी लोहे का ग्रिल हटाया जा रहा था।
आरोप है कि निर्माण कार्य देख रहे ठेकेदार सोनू ने छात्रों को ग्रिल उठाने के लिए बुलाया था। जब बच्चे मिलकर ग्रिल उठा रहे थे, तभी लगभग 300 किलो वजन का लोहे का ढांचा अचानक गिर पड़ा।
इलाज के दौरान हुई मौत
हादसे के बाद घायल छात्र को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी जान नहीं बच सकी। घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ठेकेदार और स्कूल प्रबंधन पर सवाल
परिवार और स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर निर्माण कार्य के दौरान बच्चों से मजदूरों जैसा काम क्यों कराया जा रहा था। लोगों का कहना है कि स्कूल परिसर में सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई।
घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है और दोषियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है और निर्माण कार्य से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बेगूसराय का यह हादसा स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण कार्यों के दौरान बरती जा रही लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक छात्र की मौत ने पूरे सिस्टम को कटघरे में ला खड़ा किया है। अब सबकी नजर प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर टिकी हुई है।















