बिहार के भागलपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक एनजीओ की फास्टैग प्रशिक्षण टीम पर हमला और जबरन वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और मामले ने तूल पकड़ लिया है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान हुआ हमला
KVGVM संस्था के अनुसार, उनकी टीम कहलगांव के एकचारी थाना क्षेत्र में फास्टैग प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण अभियान चला रही थी। संस्था का दावा है कि यह कार्यक्रम केंद्र और राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत वैध तरीके से आयोजित किया जा रहा था।
बताया गया कि 24 फरवरी को जीरोमाइल स्थित एक विवाह भवन में प्रशिक्षण सत्र सफलतापूर्वक आयोजित किया गया था और टीम के पास सभी आवश्यक दस्तावेज भी मौजूद थे।
दबंगों ने किया हमला और मारपीट
संस्था के अनुसार, पंजीकरण अभियान के दौरान कुछ कथित दबंग मौके पर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि उन्होंने टीम के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट की, जिसमें टीम हेड समेत कई सदस्य घायल हो गए।
संस्था ने इस मामले में रौशन सिंह और यूट्यूबर बादल सिंह पर घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया है।
जबरन वसूली का आरोप
पीड़ित संस्था का दावा है कि आरोपियों ने मौके पर मौजूद 50-60 प्रतिभागियों से जबरन पंजीकरण शुल्क वसूला।
- करीब 20 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए
- लगभग 1500 रुपये नकद भी लिए गए
पुलिस में शिकायत, जांच जारी
घटना के बाद संस्था ने वरीय पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
यह घटना कई सवाल खड़े करती है—क्या यह सिर्फ दबंगई का मामला है, या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश या अन्य साजिश छिपी है? इसका जवाब अब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।


















