मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच देशभर में एलपीजी संकट गहराने लगा है। इसी बीच बिहार में शादी-ब्याह का सीजन शुरू होने जा रहा है, जिससे गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई थी। अब नीतीश सरकार ने इस समस्या को लेकर बड़ा फैसला लिया है और शादी वाले परिवारों को राहत देने का ऐलान किया है।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी जिलों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिन परिवारों में शादी समारोह है, उन्हें कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब खरमास समाप्त होने के बाद राज्य में शादियों की शुरुआत होने वाली है।
मंत्री लेशी सिंह और विभागीय सचिव अभय कुमार सिंह ने बताया कि संबंधित जिले में उपलब्धता के आधार पर शादी वाले परिवारों को कमर्शियल सिलेंडर दिए जाएंगे। इसके साथ ही घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति भी 4 से 5 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
दरअसल, अमेरिका-ईरान तनाव और मध्य-पूर्व में जारी संकट के कारण एलपीजी सप्लाई प्रभावित हुई है। इसके चलते केंद्र सरकार ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर सख्ती बढ़ा दी है और कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। साथ ही घरेलू गैस सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है, ताकि कालाबाजारी और जमाखोरी को रोका जा सके।
गैस की कमी और महंगे कमर्शियल सिलेंडर के कारण शादी समारोहों का खर्च भी बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कैटरिंग और भोज की लागत में 15 से 20 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है। इसके चलते कई परिवार अपने मेन्यू में कटौती कर रहे हैं और अतिरिक्त व्यंजन या लाइव काउंटर हटाए जा रहे हैं, ताकि गैस की खपत कम हो सके।
सरकार ने होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों के लिए कमर्शियल गैस कनेक्शन का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है। बिना पंजीकरण अब किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान को गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार 14 अप्रैल को खरमास समाप्त होगा, जिसके बाद 20 अप्रैल से विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे। अप्रैल और मई में बड़ी संख्या में शादियां होने की संभावना है, जिससे बैंड-बाजा, टेंट और कैटरिंग जैसे व्यवसायों में भी तेजी आने की उम्मीद है।















