Bihar MLA Controversy: बिहार की राजनीति में मुजफ्फरपुर से सामने आया एक विवाद अब बड़ा सियासी मुद्दा बन गया है। सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बीजेपी विधायक Ranjan Kumar और स्थानीय युवक मुकुंद तिवारी के बीच शुरू हुआ विवाद मारपीट, घायल होने और पुलिस केस तक पहुंच गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है और विपक्ष ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत फेसबुक पर की गई एक कथित आपत्तिजनक पोस्ट से हुई। आरोप है कि नगर विधायक रंजन कुमार अपने 50 से 60 समर्थकों के साथ कनहौली निवासी मुकुंद तिवारी के घर और दुकान पर पहुंचे। वहां दोनों पक्षों के बीच पहले तीखी बहस हुई और फिर मामला हिंसक झड़प में बदल गया।
मुकुंद तिवारी का आरोप है कि विधायक ने पहुंचते ही उससे पूछा, “हमरे खिलाफ क्या लिखता है?” इसके बाद गाली-गलौज शुरू हो गई और फिर समर्थकों ने उसके साथ मारपीट की। युवक का दावा है कि हमले में उसका सिर फट गया, मोबाइल फोन तोड़ दिया गया और सोने की चेन भी छीन ली गई। घटना के बाद घायल अवस्था की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए, जिससे मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया।
दूसरी तरफ विधायक रंजन कुमार ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि मुकुंद तिवारी लगातार सोशल मीडिया के जरिए उनकी राजनीतिक और निजी छवि खराब करने की कोशिश कर रहा था। विधायक के मुताबिक कई बार समझाने के बावजूद युवक नहीं माना और लगातार आपत्तिजनक टिप्पणियां करता रहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जान से मारने और AK-47 से गोली मारने तक की धमकी दी गई थी।
जानकारी के अनुसार इस मामले में पहले मुकुंद तिवारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी और पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया, लेकिन बाद में कोर्ट से उसे जमानत मिल गई। अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि युवक के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की गई, तो विधायक और उनके समर्थकों पर क्या कदम उठाया जाएगा।
घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले ने बिहार में कानून व्यवस्था और सत्ता के प्रभाव को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विपक्षी नेताओं ने भी इसे मुद्दा बनाते हुए सरकार पर निशाना साधा है। Tejashwi Yadav ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पूरे मामले में पुलिस कार्रवाई और सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
फिलहाल यह विवाद सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह मामला अब सत्ता, कानून और राजनीतिक दबाव की बहस का केंद्र बन चुका है। अब सबकी नजर पुलिस जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

















