• Home
  • Blog
  • बिहार में सियासी बदलाव की आहट: क्या पहली बार बनेगा बीजेपी का मुख्यमंत्री?
Image

बिहार में सियासी बदलाव की आहट: क्या पहली बार बनेगा बीजेपी का मुख्यमंत्री?

बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सियासी गलियारों में इन दिनों नई सरकार के गठन को लेकर चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद राज्य की सत्ता का समीकरण बदल सकता है और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पहली बार बिहार में अपने नेतृत्व में सरकार बना सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, 9 अप्रैल को वर्तमान राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद 12 या 13 अप्रैल को नीतीश कुमार दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं। इसके बाद संवैधानिक नियमों के तहत उन्हें 14 दिनों के भीतर विधान परिषद (एमएलसी) की सदस्यता से इस्तीफा देना होगा। जैसे ही वे एमएलसी पद छोड़ेंगे, राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो सकती है।

बताया जा रहा है कि नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर पहले बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व की बैठक होगी। इसके बाद बिहार बीजेपी कोर ग्रुप और केंद्रीय नेतृत्व के बीच विस्तृत चर्चा होगी। सूत्रों की मानें तो 20 अप्रैल के आसपास राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी सहयोगी दलों की बैठक में मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है।

चर्चा इस बात की भी है कि इस बार सत्ता के समीकरण पूरी तरह उलट सकते हैं। अब तक सरकार में मुख्य भूमिका निभाने वाली जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू) की जगह बीजेपी आगे आ सकती है, जबकि जदयू सहयोगी की भूमिका में नजर आ सकती है। नई सरकार में मुख्यमंत्री बीजेपी कोटे से बनने की संभावना जताई जा रही है, जो बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव होगा।

वहीं, जदयू को दो उपमुख्यमंत्री पद मिलने की चर्चा है। पार्टी की ओर से निशांत कुमार का नाम उपमुख्यमंत्री पद के लिए प्रमुखता से सामने आ रहा है। इसके अलावा दूसरे उपमुख्यमंत्री के तौर पर विजय चौधरी या किसी अन्य वरिष्ठ नेता पर विचार किया जा सकता है।

एनडीए के अन्य सहयोगी दलों को भी सरकार में जगह देने की तैयारी है। चिराग पासवान की पार्टी को दो मंत्री पद मिल सकते हैं, जबकि उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी की पार्टियों से एक-एक मंत्री बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, 26 अप्रैल के बाद कभी भी नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है। फिलहाल बिहार से लेकर दिल्ली तक इस संभावित राजनीतिक बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं और सभी की नजरें आगामी फैसलों पर टिकी हुई हैं।

अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह सियासी अटकलें हकीकत में बदलती हैं और बिहार को पहली बार बीजेपी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री मिलता है, या फिर अंतिम समय में राजनीतिक समीकरण कोई नया मोड़ ले लेते हैं। क्योंकि बिहार की सियासत में आखिरी वक्त तक कुछ भी तय नहीं माना जाता।

Releated Posts

Bihar Crime: बांका में बालू माफियाओं का तांडव, खनन विभाग की टीम पर हमला, जवान घायल

बांका। जिले के रजौन थाना क्षेत्र में अवैध बालू कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान…

ByByAjay Shastri Jun 11, 2026

बिहार दिवालिया होने की कगार पर? तेजस्वी यादव ने वित्तीय संकट को लेकर सरकार को घेरा

पटना। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने बुधवार को राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर एनडीए…

ByByAjay Shastri Jun 10, 2026

पटना में हर तीसरी हत्या की वजह बन रहा जमीन विवाद, पांच साल में 417 लोगों की गई जान

पटना। बिहार की राजधानी पटना में जमीन विवाद अब सामाजिक तनाव का नहीं, बल्कि जानलेवा संघर्ष का बड़ा…

ByByAjay Shastri Jun 6, 2026

बेगूसराय में कल निकलेगी ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली, पर्यावरण संरक्षण और फिटनेस का दिया जाएगा संदेश

बेगूसराय। पर्यावरण संरक्षण, बेहतर फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बेगूसराय में रविवार को…

ByByAjay Shastri Jun 6, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top