बिहार सरकार ने भूमि सर्वे और राजस्व विभाग में लापरवाही एवं भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी अंचल में तैनात राजस्व अधिकारी धर्मेंद्र कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सरकार के अनुसार, अधिकारी पर लंबे समय से भ्रष्टाचार, सरकारी आदेशों की अनदेखी और जरूरी रिपोर्ट समय पर नहीं देने जैसे गंभीर आरोप लगे थे। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहले ही भूमि सर्वे कार्यों में तेजी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन संबंधित अधिकारी पर कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप सामने आए।
जांच के दौरान कई अनियमितताएं पाए जाने के बाद विभाग ने अधिकारी पर 92,500 रुपये का दंड भी लगाया है। आरोप है कि उन्होंने सरकार द्वारा मांगी गई महत्वपूर्ण रिपोर्ट समय पर उपलब्ध नहीं कराई और विभागीय निर्देशों का पालन करने में भी गंभीर लापरवाही की।
सूत्रों के मुताबिक, मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी ने भी मामले में कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए विभाग को पत्र भेजा था। इसके बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने तुरंत संज्ञान लेते हुए सख्त विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी।
सरकार का कहना है कि भूमि सर्वे और राजस्व मामलों में किसी भी तरह का भ्रष्टाचार या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासनिक हलकों में इसे सरकार की “जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन” नीति के तहत बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ऐसे मामलों में और भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।















