भरोसे और नौकरी के झांसे में फंसी महिला को 25 हजार में बेचा गया, बंगाल पुलिस के सहयोग से बड़ी कार्रवाई
बिहार की राजधानी पटना से सटे मनेर इलाके से इंसानियत को झकझोर देने वाली मानव तस्करी की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। भरोसे, मजबूरी और झूठे सपनों की आड़ में एक महिला को दलालों ने पश्चिम बंगाल के रेड लाइट इलाके में बेच दिया। महीनों तक खामोशी और खौफ के साये में जीने को मजबूर रही पीड़िता को आखिरकार मनेर पुलिस ने पश्चिम बंगाल पुलिस के सहयोग से सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में कोठा संचालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता मनेर थाना क्षेत्र की रहने वाली है। घरेलू विवाद के बाद वह घर छोड़कर निकल पड़ी थी। इसी दौरान तस्करों की नजर उस पर पड़ी। आरोप है कि दलालों ने महिला को नौकरी दिलाने और बेहतर जिंदगी का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया और पश्चिम बंगाल ले जाकर रेड लाइट इलाके के एक कोठे में महज 25 हजार रुपये में बेच दिया।
इंसान को माल की तरह तौलने और बेचने की यह दरिंदगी कई महीनों तक छुपी रही। लेकिन किस्मत ने तब करवट ली, जब एक ग्राहक ने महिला की हालत को समझा और किसी तरह उसके पति तक इसकी सूचना पहुंचा दी। जानकारी मिलते ही पति ने मनेर थाना में महिला के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही मनेर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। तकनीकी और मानवीय इनपुट्स के आधार पर महिला के पश्चिम बंगाल में होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर रेड लाइट इलाके में छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान महिला को सुरक्षित बरामद कर लिया गया और कोठे के संचालक को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि महिला के लापता होने की सूचना अक्टूबर महीने में दर्ज कराई गई थी। पीड़िता के बयान में साफ हुआ कि किस तरह नौकरी के वादे के नाम पर उसे अंधे कुएं में धकेल दिया गया। फिलहाल महिला को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है, जबकि आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
यह मामला सिर्फ एक महिला की बरामदगी भर नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम के लिए चेतावनी है कि यदि मानव तस्करी के इस गोरखधंधे पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो इंसानियत इसी तरह नीलाम होती रहेगी।


















