बिहार के पारंपरिक विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक ढिलाई का खामियाजा अब उन बुजुर्ग शिक्षकों और कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा को समर्पित कर दिया। उपयोगिता प्रमाण-पत्र (UC) जमा न होने के कारण वित्त विभाग ने पेंशन भुगतान पर रोक लगा दी है, जिससे करीब 50 हजार सेवानिवृत्त कर्मियों की जनवरी माह की राशि अटक गई है।
उपयोगिता प्रमाण-पत्र को लेकर टकराव
जानकारी के अनुसार, वित्त विभाग ने लगभग 18 महीने पहले जारी की गई राशि का हिसाब मांगा था, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि धन का उपयोग नियमानुसार हुआ है। बार-बार स्मरण पत्र भेजे जाने के बावजूद कई विश्वविद्यालयों की ओर से अपेक्षित जवाब नहीं मिला। इस प्रशासनिक शिथिलता के कारण अब हजारों परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हो गया है।
अधूरा हिसाब, फाइलों में फंसी पेंशन
उच्च शिक्षा विभाग ने पेंशन प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा, लेकिन ‘उपयोगिता प्रमाण-पत्र नहीं, तो भुगतान नहीं’ के सख्त रुख के कारण फाइल आगे नहीं बढ़ सकी। सूत्रों के मुताबिक, कुछ विश्वविद्यालयों ने कागजात भेजे भी, पर वे अधूरे या तकनीकी त्रुटियों से भरे थे। नतीजतन जनवरी माह की पेंशन स्वीकृति अटक गई।
13 प्रमुख विश्वविद्यालय प्रभावित
इस संकट की जद में राज्य के कई प्रमुख विश्वविद्यालय आ गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- पटना विश्वविद्यालय
- मगध विश्वविद्यालय
- बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय
- ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय
- मुंगेर विश्वविद्यालय
- पूर्णिया विश्वविद्यालय
- जयप्रकाश विश्वविद्यालय
- मौलाना मजहरुल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय
इन संस्थानों के हजारों सेवानिवृत्त शिक्षक और कर्मचारी कड़ाके की ठंड और बढ़ती महंगाई के बीच अपनी पेंशन का इंतजार कर रहे हैं।
‘पूर्ण और सही’ रिपोर्ट पर ही मिलेगा भुगतान
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन विश्वविद्यालयों से पूर्ण और त्रुटिरहित उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्राप्त होंगे, केवल उन्हीं की पेंशन राशि जारी की जाएगी। विभाग विश्वविद्यालय प्रशासन को लगातार जवाबदेही तय करने के निर्देश दे रहा है।
समाधान की आस में बुजुर्ग
वर्तमान में पूरा मामला विश्वविद्यालय प्रशासन की सक्रियता पर निर्भर है। जैसे ही वित्त विभाग की आपत्तियों का समाधान कर सही दस्तावेज जमा किए जाएंगे, भुगतान प्रक्रिया बहाल हो सकती है। तब तक हजारों बुजुर्ग पेंशनभोगी आर्थिक संकट से जूझने को मजबूर हैं।


















