पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देश में एलपीजी (LPG) की सप्लाई को लेकर स्थिति पूरी तरह सामान्य होने की बात कही है। मंत्रालय के अनुसार, देश में गैस की कोई कमी नहीं है और सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को करीब 47.7 लाख एलपीजी सिलेंडर बुक किए गए, जबकि लगभग 47 लाख सिलेंडर उपभोक्ताओं तक सफलतापूर्वक पहुंचाए गए। यह आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि देश में एलपीजी की उपलब्धता पर्याप्त बनी हुई है।
मंत्रालय ने जानकारी दी कि 46 हजार मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी लेकर एक बड़ा जहाज MT Sarva Shakti LPG tanker भारत की ओर बढ़ रहा है। यह जहाज 13 मई 2026 को विशाखापत्तनम बंदरगाह पर पहुंचेगा। इसके आने से देश में एलपीजी सप्लाई और मजबूत होगी और किसी भी संभावित कमी की आशंका खत्म हो जाएगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद घरेलू एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की सप्लाई 100 प्रतिशत जारी है। विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया के हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और वहां मौजूद भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों को सहायता दी जा सके।
लोगों से अपील करते हुए सरकार ने कहा है कि वे घबराकर पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की अतिरिक्त खरीदारी न करें, क्योंकि इससे अनावश्यक दबाव बनता है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
मंत्रालय के अनुसार, 5 किलो वाले छोटे गैस सिलेंडर को बढ़ावा देने के लिए 3 अप्रैल 2026 से अब तक 10,100 से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन अभियानों के जरिए करीब 1,75,000 छोटे सिलेंडर बेचे गए हैं। वहीं अप्रैल 2026 से अब तक 11,082 मीट्रिक टन ऑटो एलपीजी की बिक्री भी दर्ज की गई है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। शनिवार को पूरे देश में 1900 से ज्यादा छापेमारी की गई। तेल कंपनियों द्वारा की गई जांच में 349 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स पर जुर्माना लगाया गया है, जबकि 74 डिस्ट्रीब्यूटर्स को सस्पेंड कर दिया गया है।
सरकार का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और आने वाले दिनों में एलपीजी सप्लाई और बेहतर होगी।

















